परिवहन विभाग की हड़ताल समाप्त होते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन, देर रात मुजरास टोल पर स्लीपर एवं लग्जरी बसों की सघन जांच

भीलवाड़ा, 05 अगस्त। स्मार्ट हलचल|यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा के निर्देशन में जिला परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष संयुक्त अभियान के तहत आरटीओ हड़ताल समाप्त होते ही गुरुवार देर रात मुजरास टोल पर स्लीपर एवं लग्जरी बसों का सघन निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान कुल 11 स्लीपर एवं लग्जरी बसों का निरीक्षण किया गया। जांच में मोटर वाहन अधिनियम एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर 4 बसों के विरुद्ध कुल 26000 रूपये के चालान बनाए गए, इसमें 1 बस को सीज किया गया। वहीं जिन बसों में सभी आवश्यक दस्तावेज एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, उन्हें यात्रियों सहित उनके निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना किया गया। यह कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा की सचिव श्रीमती रश्मि आर्य के निर्देशन में की गई। अभियान के दौरान परिवहन निरीक्षक श्री सुरेश जांगीड, यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी हैमर, चालक के दस्तावेज एवं यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों का गहन निरीक्षण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी बस संचालकों से मोटर वाहन अधिनियम एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने की अपील की। यात्रियों के जीवन एवं सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष संयुक्त अभियान आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, टोल नाकों एवं प्रमुख मार्गों पर बिना पूर्व सूचना के लगातार जारी रहेगा तथा नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यात्रियों से भी आग्रह किया कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व यह अवश्य सुनिश्चित करें कि बस में चार इमरजेंसी एग्जिट विंडो, अग्निशमन यंत्र (फायर सेफ्टी), फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी हैमर तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हों। यदि किसी बस में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल जिला परिवहन विभाग, यातायात पुलिस अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दें। निरीक्षण के दौरान एलएडीसीएस अधिवक्ता सुरेश प्रजापत, भंवर लाल गुर्जर, प्राधिकरण स्टाफ मनोज व्यास, विकास गायरी उपस्थित थे।