रिकॉर्ड रूम में आग, सरकारी भूमि, पट्टों के आवंटन, गोशाला भूमि और दुकानों के किराए में अनियमितताओं के आरोप; ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
दिलखुश मीना
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|अजमेर जिले के सावर कस्बे में तत्कालीन ग्राम पंचायत एवं वर्तमान नगरपालिका से जुड़े विभिन्न मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर गुरुवार से युवा नेता दुर्गेश प्रजापत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नगरपालिका भवन के बाहर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पांच सूत्रीय मांगों पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।
धरनार्थियों का कहना है कि लगभग दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनने के बाद से कई मामलों को लेकर लगातार विवाद और आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं। इसी क्रम में अब ग्रामीणों ने विभिन्न कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
ग्रामीणों ने अपनी मांगों में कहा कि नगरपालिका के रिकॉर्ड रूम में लगी आग की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों और सरकारी अभिलेखों एवं संपत्ति को हुए नुकसान की सच्चाई सामने आ सके।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका की सरकारी भूमि के कथित बेचान तथा अवैधानिक तरीके से ग्रेवल सड़क निर्माण की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। धरनार्थियों का यह भी आरोप है कि एक ही दिन में नियमों के विपरीत 100 से अधिक पट्टे जारी किए गए, जिसकी जांच आवश्यक है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने गोशाला के नाम पर आवंटित भूमि, उस पर हुए कथित अतिक्रमण तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत द्वारा आय बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई दुकानों के किराया निर्धारण एवं वसूली में हुई कथित अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग उठाई।
धरनार्थियों ने कहा कि जब तक उनकी पांच सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी नहीं होते, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। वहीं उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला कलेक्टर अजमेर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
