पंकज पोरवाल
भीलवाड़ा ।स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री जगदीश राज श्रीमाली ने केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार पर श्रमिक विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हितों में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने श्रमिक संगठनों से बिना संवाद किए श्रम कानूनों में बदलाव कर दिए, जबकि किसी भी मजदूर संगठन ने इन कानूनों को बदलने की मांग नहीं की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन काले श्रम कानूनों पर पुनर्विचार नहीं किया तो देशभर के मजदूर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। गांधी मजदूर सेवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्रीमाली ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नियमित रूप से राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन आयोजित होते थे, जिनमें राज्यों के श्रम मंत्री और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होकर सरकार से संवाद करते थे। उन्हीं चर्चाओं के आधार पर श्रम नीतियां और कानून बनते थे, जबकि वर्तमान में सरकार का संवाद केवल बड़े उद्योगपतियों तक सीमित हो गया है। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को लेकर 10 अगस्त को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस में मजदूरों की भागीदारी घटने पर चिंता जताते हुए श्रीमाली ने कहा कि पहले इंटक को भीलवाड़ा, उदयपुर और सवाई माधोपुर से विधानसभा टिकट मिलते थे, लेकिन पिछले दो दशकों में कांग्रेस ने किसी भी मजदूर नेता को टिकट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग की इस उपेक्षा का राजनीतिक नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है। इंटक के प्रदेशाध्यक्ष श्रीमाली गांधी मजदूर सेवालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस द्वारा मजदूरों की उपेक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस में मजदूरों की उतनी भागीदारी नहीं रही। मजदूरों को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलता। इंटक जिलाध्यक्ष दीपक व्यास ने कहा कि भीलवाड़ा बहुत बड़ा टेक्सटाइल हब है। यहां टेक्सटाइल की बात होती है, लेकिन श्रमिकों की समस्याओं की समस्याएं कोई नहीं उठाता। उन्होंने केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड का रीजनल कार्यालय भीलवाड़ा में खोलने, केंद्रीय श्रम कल्याण केंद्र का ऑफिस भी पुनः यहां खोलने की मांग उठाई। केंद्रीय श्रम कल्याण केंद्र तो पहले यहां था, जो कुछ वर्षों पूर्व अजमेर चला गया। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी का कोष श्रमिकों के पुनर्वास एवं शिक्षा पर खर्च हो। इस फंड से श्रमिक भवन बनाया जाए। इससे पुर्व शहर के पूर्व विधायक, पूर्व संसदीय सचिव एवं वरिष्ठ श्रमिक नेता स्वर्गीय प्रणवीर व्यास की 28वीं पुण्यतिथि मंगलवार को गांधी मजदूर सेवालय में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रमिकों, कांग्रेस नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय व्यास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनके श्रमिक हितों के लिए किए गए योगदान को याद किया। कार्यालय सचिव सत्यनारायण सेन ने बताया की श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश इंटक अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री जगदीश राज श्रीमाली, प्रदेश महामंत्री नारायण गुर्जर, संस्था अध्यक्ष कैलाश व्यास, शहर कांग्रेस अध्यक्ष शिवराम खटीक, जिला इंटक अध्यक्ष दीपक व्यास, प्रदेश उपाध्यक्ष खुश्वेंद्र कुमावत, प्रताप सिंह, संगठन महामंत्री भैरूसिंह टाक, समाजसेवी जगदीश मानसिंहका, दुर्गेश शर्मा, पूर्व पार्षद ज्ञानमल खटीक, हेमेंद्र शर्मा, कुणाल ओझा, ममता शर्मा, सुरेश व्यास, मुकेश व्यास, दिलीप व्यास, मदन टाक सहित बिजली कर्मचारी संघ, खारीग्राम श्रमिक संघ, जलदाय कर्मचारी संघ, कांग्रेसजन एवं विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभा में उपस्थित वक्ताओं ने स्वर्गीय प्रणवीर व्यास के श्रमिक हितों के लिए किए गए संघर्ष, जनसेवा और सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन मजदूरों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए समर्पित किया। उनके आदर्श और विचार आज भी श्रमिक आंदोलन के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत प्रदेश इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली के दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारत के श्रमिकों का प्रतिनिधित्व कर लौटने पर श्रमिकों एवं संगठन पदाधिकारियों ने उनका पुष्पमालाओं से स्वागत एवं अभिनंदन किया।
