• पहले परिवार, फिर मोहल्ला और फिर गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प- 07 अगस्त से 07 सितम्बर तक चलेगा पहला चरण
जयपुर 8 अगस्त। स्मार्ट हलचल|नशा केवल एक व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में नहीं लेता, बल्कि धीरे-धीरे पूरे परिवार की खुशियां और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित करता है। इसी सोच के साथ सवाई माधोपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ एक अनूठी पहल ‘ड्रग वॉरियर’ अभियान शुरू किया है। अभियान का मूल मंत्र है, “नफरत से नहीं, प्रेम और अपनेपन से नशे के खिलाफ लड़ाई।”
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा की नशामुक्त राजस्थान की व्यापक मुहिम से जुड़े इस अभियान को आईजी प्रीति चंद्रा के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के नेतृत्व में सवाई माधोपुर जिले में शुरू किया गया है।
*नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के साथ समाज*
ड्रग वॉरियर अभियान की खासियत यह है कि इसमें नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं माना गया है। अभियान में महिला, पुरुष, युवा, परिवार, डॉक्टर, शिक्षक और हर उस व्यक्ति को ड्रग वॉरियर बनने का आह्वान किया गया है, जो अपने परिवार और समाज को नशे से मुक्त देखना चाहता है।
सवाई माधोपुर एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि अभियान का संदेश है ‘पहले अपना परिवार, फिर मोहल्ला और फिर गांव।’ इसी क्रम में प्रत्येक नागरिक अपने आसपास नशे के कारोबार और नशे से पीड़ित लोगों की पहचान कर पुलिस तक सूचना पहुंचा सकता है।
*नशे से पीड़ित व्यक्ति को अपराधी नहीं, अपनेपन की जरूरत*
अभियान का सबसे मानवीय पक्ष नशे से पीड़ित लोगों के प्रति अपनाए गए दृष्टिकोण में दिखाई देता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति से नफरत करने के बजाय उसके जीवन और उसकी समस्या को समझें तथा उसे परिवार और समाज का सहयोग दें।
नशामुक्ति की इस सोच में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी गई है। परिवार यदि समय रहते अपने सदस्य की समस्या को पहचानकर सहायता और उपचार की दिशा में कदम उठाए, तो नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने की राह आसान हो सकती है।
*महिलाएं और युवा बनेंगे बदलाव के प्रहरी*
अभियान में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। मां, पत्नी, बहन या बेटी नशे से प्रभावित परिवार की स्थिति को सबसे करीब से महसूस करती हैं। इसी तरह युवा अपने परिवार और आसपास के वातावरण में बदलाव के प्रभावी वाहक बन सकते हैं।
नशे की समस्या से जूझ रहे परिवारों को आगे आने और पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सके।
*स्कूल-कॉलेज भी बनेंगे नशामुक्त क्षेत्र*
अभियान में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। उनसे अपने विद्यालय और महाविद्यालय परिसर को नशामुक्त रखने तथा नशे से प्रभावित विद्यार्थियों और परिवारों को आवश्यक सहायता के लिए पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया गया है।
डॉक्टरों को भी अभियान का महत्वपूर्ण भागीदार बनाया गया है, ताकि नशामुक्ति के प्रयासों में पुलिस और चिकित्सा क्षेत्र मिलकर प्रभावी भूमिका निभा सकें।
*गुप्त सूचना से लेकर बीट स्तर तक निगरानी*
एसपी मैत्रेयी ने बताया ki अभियान के तहत नागरिक नशा तस्करी में शामिल लोगों और नशे के ठिकानों की गुप्त सूचना पुलिस को दे सकते हैं। पुलिस ने सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भरोसा दिलाया है।
नागरिक 5, 10, 15, 20 अथवा 25 लोगों की टोली बनाकर एसपी, एएसपी, डीएसपी, थानाधिकारी अथवा अपने बीट कांस्टेबल से सीधे संपर्क कर अभियान से जुड़ सकते हैं।
गुप्त सूचना के लिए सवाई माधोपुर पुलिस ने व्हाट्सऐप नंबर 9352376939 तथा कालिका यूनिट व्हाट्सऐप नंबर 9667973009 जारी किया है। इसके अलावा सवाई माधोपुर पुलिस के सोशल मीडिया माध्यमों से भी जुड़ने की अपील की गई है।
*नशामुक्त बीट बनेगी अभियान की पहचान*
अभियान का एक अभिनव पहलू नशामुक्त बीट की अवधारणा है। जब किसी क्षेत्र के ड्रग वॉरियर यह सूचना देंगे कि उनके इलाके में नशे की बिक्री नहीं हो रही है, तो बीट कांस्टेबल और पुलिस की विशेष टीम द्वारा इसका सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद संबंधित क्षेत्र को नशामुक्त बीट का प्रमाण-पत्र दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
पहली नशामुक्त बीट को विशेष सम्मान दिया जाएगा। सर्वाधिक नशामुक्त बीट तैयार करने वाले थानाधिकारी को भी विशेष सम्मान मिलेगा। साथ ही संबंधित ड्रग वॉरियर परिवार और बीट कांस्टेबल को पुलिस अधीक्षक की ओर से प्रमाण-पत्र एवं सम्मान प्रदान किया जाएगा।
*7 अगस्त से 7 सितंबर तक पहला चरण*
ड्रग वॉरियर अभियान का प्रथम चरण 7 अगस्त से 7 सितंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। इस चरण में लक्ष्य नशे के खिलाफ जागरूकता को बीट स्तर तक पहुंचाना और आमजन को अभियान का सक्रिय भागीदार बनाना है।
*एक व्यक्ति से शुरू होगी बड़ी क्रांति*
नशे के खिलाफ इस अभियान का संदेश स्पष्ट है “बदलाव बाहर से नहीं, अपने घर से शुरू होगा।” यदि एक परिवार अपने सदस्य को नशे से बाहर निकालने का संकल्प लेता है, तो वह परिवार एक ड्रग वॉरियर बनता है। ऐसे परिवार मिलकर मोहल्ले को और मोहल्ले मिलकर गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
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