12 वर्ष पुराने चेक अनादरण प्रकरण में अध्यक्ष व सचिव दोषमुक्त

(बद्री लाल माली)

गुरला:- भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट प्रकरण) संख्या-04, भीलवाड़ा ने लगभग 12 वर्ष पुराने चेक अनादरण (धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम) के एक प्रकरण में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए लक्ष्मी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष बृजेश सिंह तोमर तथा तत्कालीन सचिव गोटू सिंह कानावत को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने यह निर्णय 6 अगस्त 2026 को पारित किया।

प्रकरण वर्ष 2013 में ₹9 लाख के चेक के अनादरण को लेकर दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान परिवादी एवं अभियुक्त पक्ष की ओर से मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों ने विभिन्न न्यायिक दृष्टांतों एवं विधिक प्रावधानों के आधार पर अपने-अपने तर्क न्यायालय के समक्ष रखे।

न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद पाया कि परिवादी आरोपों को विधि के अनुरूप सिद्ध नहीं कर सका। इसके आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त करते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया।

अभियुक्त पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोपाल सोनी, शरद शुक्ला एवं श्रीमती कृष्णा स्वर्णकार ने पैरवी की। अधिवक्ताओं ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं विधिक सिद्धांतों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय पारित किया है।

विधि विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय एन.आई. एक्ट के मामलों में साक्ष्यों के मूल्यांकन तथा अभियोजन पर आरोप सिद्ध करने के दायित्व के संबंध में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।