(बद्री लाल माली)
गुरला:-स्मार्ट हलचल|आस्था और अटूट भक्ति का एक अनूठा उदाहरण पेश करते हुए स्थानीय शिवभक्त अशुल तिवाड़ी ने हरिद्वार से गुरलां तक की पावन यात्रा पूरी की। सोमवार को गुरलां पहुँचने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों ने उनका गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया।
*800 किलोमीटर की कठिन यात्रा*
शिवभक्त अशुल तिवाड़ी सावन के पावन अवसर पर उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल हरिद्वार से गंगाजल लेकर रवाना हुए थे। उन्होंने लगभग 800 किलोमीटर की लंबी और कठिन दूरी तय कर सोमवार को गुरलां की धरा पर कदम रखा। इस दौरान उनकी यात्रा में महादेव के प्रति गहरी श्रद्धा साफ नजर आ रही थी।
*दो प्रमुख मंदिरों में किया जलाभिषेक*
गुरलां पहुँचने के बाद अशुल तिवाड़ी ने हरिद्वार से लाए पवित्र गंगाजल से क्षेत्र के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कीः
सदाशिव महादेव मंदिर (गुरलां): यहाँ उन्होंने पूरे विधि-विधान से महादेव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
हनुमान मंदिर (टिला का खेड़ा): इसके बाद उन्होंने टिला का खेड़ा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में भी विराजमान महादेव जी का पवित्र गंगाजल से अभिषेक किया।
*डीजे और मंदसौरे ढोल पर थिरके श्रद्धालु, पहनाई माला*
जैसे ही अशुल तिवाड़ी गंगाजल लेकर गुरलां की सीमा में दाखिल हुए, वहाँ मौजूद ग्रामीणों का उत्साह चरम पर पहुँच गया। डीजे की गूंज और पारंपरिक मंदसौरे ढोल की थाप पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी जयकारे लगाए गए। पूरे माहौल में भक्ति रस घुल गया। ग्रामीणों ने शिवभक्त अशुल तिवाड़ी का माला पहनाकर और तिलक लगाकर जोरदार स्वागत-अभिनंदन किया और उनकी इस कठिन साधना की सराहना की।
