महेन्द्र नागौरी
2.84 लाख लोगों ने किया ‘गिव अप’, 14.05 लाख लाभार्थियों को हर माह मिल रहा मुफ्त गेहूं; पात्र व वंचित परिवारों को जोड़ने पर जोर
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|खाद्य सुरक्षा योजना को अधिक पारदर्शी और पात्र लोगों तक सीमित करने की कवायद तेज हो गई है। जिला कलेक्टर सभागार में तहसील स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में एनएफएसए से अपात्र परिवारों एवं सदस्यों को हटाने तथा पात्र और वंचित लोगों को योजना से जोड़ने पर मंथन हुआ।
जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जिले में 3.92 लाख परिवारों के 14.05 लाख लाभार्थियों को प्रतिमाह करीब 7 हजार मैट्रिक टन गेहूं नि:शुल्क वितरित किया जा रहा है। वहीं अब तक 2,84,979 लोगों ने ‘गिव अप’ किया है, जो एनएफएसए यूनिट का 20.28 प्रतिशत है। एनएफएसए-2026 के तहत करीब 1880 आवेदन लंबित हैं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
अपात्र हटेंगे, पात्र जुड़ेंगे
बैठक में एनएफएसए में पात्र परिवारों के नाम जोड़ने, अपात्रों के नाम हटाने, चयन प्रक्रिया, ई-केवाईसी, गैस सब्सिडी, एलपीजी मैपिंग और ‘गिव अप’ योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। समिति सदस्यों से योजना को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए।
सदस्यों ने ‘गिव अप’ अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर देते हुए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, सरकारी कार्यालय, स्कूल, डेयरी बूथ और पंचायत मुख्यालय जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बैनर लगाने का सुझाव दिया।
बैठक में विभिन्न तहसीलों के मनोनीत समिति सदस्य, जिला रसद कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी एवं निरीक्षक, कार्मिक तथा राशन डीलर मौजूद रहे।
