नीरज मीणा
मंडावर।स्मार्ट हलचल/ सावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत ऊकरूंद गांव के युवाओं का कांवड़ यात्रा से लौटने पर ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया। कांवड़ लेकर अपनी जन्मभूमि पहुंचे युवाओं के स्वागत में गांव में उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला। युवाओं के पहुंचते ही ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा।
कांवड़ यात्रा के दौरान युवाओं ने धार्मिक आस्था के साथ पैदल यात्रा पूरी कर पवित्र जल लेकर अपने गांव की ओर प्रस्थान किया। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। कांवड़ लेकर जब युवा अपनी जन्मभूमि ऊकरूंद पहुंचे तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों के साथ उनका स्वागत किया।
गांव में कांवड़ यात्रियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और श्रद्धालु स्वागत के लिए एकत्रित हो गए। कांवड़ यात्रियों के गांव में प्रवेश करते ही माहौल भक्तिमय हो गया। युवाओं ने भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए, वहीं ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया।
इस दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। युवाओं की भक्ति और उत्साह देखकर ग्रामीणों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। कई स्थानों पर ग्रामीणों एवं परिजनों द्वारा कांवड़ यात्रियों का तिलक लगाकर एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया गया।
आस्था और परंपरा का दिखा संगम
कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक एकता का संदेश भी देती है। ऊकरूंद गांव के युवाओं द्वारा कांवड़ यात्रा में भाग लेकर अपनी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया गया। यात्रा से लौटने के बाद गांव में हुए स्वागत समारोह ने आपसी भाईचारे और सामूहिक एकता की भावना को भी मजबूत किया।
ग्रामीणों ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में युवाओं का कांवड़ लेकर लौटना गांव के लिए गर्व और खुशी का विषय है। युवाओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ यात्रा पूरी कर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
कांवड़ यात्रियों के स्वागत के दौरान गांव में काफी देर तक धार्मिक गीतों और भजनों का दौर चलता रहा। युवाओं और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को सावन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान गांव का माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।
कांवड़ यात्रा से लौटे युवाओं ने भगवान भोलेनाथ से गांव एवं क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। वहीं ग्रामीणों ने भविष्य में भी इसी प्रकार धार्मिक आयोजनों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
कांवड़ यात्रियों के भव्य स्वागत का यह दृश्य ऊकरूंद गांव में धार्मिक आस्था, युवा शक्ति और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बन गया।
