श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली बाबा मंदाकिनी महाकाल की भव्य शाही सवारी

दीपक राठौर
बिजौलियाँ|स्मार्ट हलचल|श्रावण सोमवार के अवसर पर बाबा मंदाकिनी महाकाल की भव्य शाही सवारी श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। ऐतिहासिक मंदाकिनी महादेव मंदिर में बाबा महाकाल को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर आरती की गई। इसके बाद बैंड-बाजे, डीजे, घोड़े-घोड़ियों और मशक बैंड के साथ शाही सवारी रवाना हुई। शाही सवारी के शुभारंभ से पूर्व ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के मंदाकिनी महादेव मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। पंडितों के सानिध्य में बाबा महाकाल का विशेष अभिषेक व दिव्य शृंगार किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महादेव के जयकारे लगाते हुए सवारी के साथ चल रहे थे।संतों के बैठने के लिए विशेष रथ की व्यवस्था की गई थी। कलाकारों द्वारा श्मशान की चिता भस्म से होली खेलने के जीवंत दृश्य ने उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आलौकिक और विहंगम दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए लोगों में होड़ मची रही।वहीं युवा हाथों में डमरू और झांझ लेकर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। बूंदी के ठीकरदा से आए मशक बैंड ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। सवारी का मुख्य आकर्षण जीवंत अघोर झांकी रही।चित्तौड़ गढ़ से आए कलाकारों ने भगवान शंकर और उनके गणों का रूप धारण कर शमशान की चिता भस्म से होली खेलने सहित विभिन्न जीवंत झांकियों की प्रस्तुति दी, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। सवारी के मार्ग में जगह-जगह कस्बेवासियों ने बाबा महाकाल पर पुष्प वर्षा कर पूजन-अर्चन किया।
सवारी कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदाकिनी महादेव मंदिर पहुंची। यहां महाआरती का आयोजन किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।