रमेश चंद डाड
भीलवाड़ा |स्मार्ट हलचल|अफीम किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ अफीम आयाम चित्तौड़ प्रांत की महत्वपूर्ण बैठक चित्तौड़गढ़ में राजस्थान प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट भीलवाड़ा की अध्यक्षता में हुई,बैठक में चित्तौड़ प्रांत सहित चित्तौड़गढ़,भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारीयो ने भाग लिया। बैठक में विचार विमर्श कर तय किया गया कि अफीम किसानों के लिए इसी अगस्त माह में भारतीय किसान संघ अफीम आयाम की टोली देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण,वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलकर अफीम किसानों की अभी तक की सारी प्रमुख समस्याओं के एक साथ समाधान की मांग करेंगे,मांगो को लेकर उचित समाधान की सहमति नहीं बनेगी तो आने वाले समय में सभी अफीम किसानों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन होगा।
*वार्ता में ये रहेगी प्रमुख मांगे*
1. डोडा चूरा को एनडीपीएस एक्ट से निकालकर राज्यों के आबकारी एक्ट में शामिल किया जाए क्योंकि डोड़ा चुरा में 0.2% ही नशा होता है जो किसी भी लेब में प्रतिशत के रूप में दिखाई भी नहीं देता है। और इसे राज्य सरकारों ने पूर्व में लगभग 30 वर्षों तक राशन की दुकानों की तरह बेचा है।
2. एनडीपीएस एक्ट की 8 / 29 धारा को पूरी तरह से हटाया जाए यह धारा निर्दोष किसानों के लिए नासूर बनी हुई है।
3. किसानों को रोजगार देने के लिए 5 लाख नए लाइसेंस जारी किये जाए।
4. 1990 से अभी तक के वर्षों के पुराने कटे हुए अथवा रुके हुए सारे पट्टे किसानों को जीरो औसत पर जारी किये जाए।
5. सीपीएस पद्धति पूरी तरह से बंद की जाए और सीपीएस पद्धति वाले सभी लाइसेंस अफीम गोंद निकालने के लिए लुवाई चिराई में जारी किया जावे।
6. अफीम किसानों को सरकार प्रति किलो पर कम से कम 10 हजार रुपए दे क्योंकि इसमें लागत बहुत ज्यादा आ रही है वर्तमान में सरकार नाम मात्र के पैसे दे रही है जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
7. मार्फिन का नियम पूरी तरह से बंद किया जाए अथवा 3.5 से अधिक मॉर्फिन आने पर उन सभी किसानों को लाइसेंस जारी रखे जाएं।
8. राजस्थान सरकार डोडा चूरा नष्टीकरण का हर वर्ष अखबारों में विज्ञापन निकालना बंद करे इससे किसानों के सरकार के विरोध में बड़े आंदोलन हो रहे हैं वहीं मध्य प्रदेश में ऐसा कोई विज्ञापन नहीं निकलता है,पूर्व में किसानों ने जो डोडा चूरा स्वत खेतों में डालकर नष्ट किया है उसका 700 रुपए प्रति किलो से पैसा दिया जाए फिर आगे के नष्टीकरण की बात हो पूर्व में ठेका पद्धति से 125 रुपए प्रति किलो किसान को मिलते थे।
अफीम किसानों के इन प्रमुख विषयों को लेकर जो मंथन हुआ उस दौरान बैठक में भारतीय किसान संघ अफीम आयाम राजस्थान प्रदेश प्रमुख बद्रीलाल जाट भीलवाड़ा, चित्तौड़ प्रांत अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल तेली भीलवाड़ा, जिला मंत्री लादू लाल जाट भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ अफीम आयाम प्रमुख भूरालाल धाकड,चित्तौड़ प्रांत जैविक प्रमुख गोपाल लाल खटवड़ प्रतापगढ़, किसान संघ चित्तौड़ प्रांत महामंत्री अंबालाल शर्मा, प्रांत बीमा प्रमुख राजेश शर्मा,प्रांत कोषाध्यक्ष प्रकाश चंद्र मेहता, प्रांत संगठन मंत्री परमानंद, पूर्व प्रांत युवा प्रमुख सोहनलाल आंजना निंबाहेड़ा, जिला मंत्री लाभचंद धाकड़,गंगरार तहसील अध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा,बांसवाड़ा संभाग उपाध्यक्ष सीताराम डांगी प्रतापगढ़,किशन लाल शर्मा उपस्थित रहे।
