चित्तौड़गढ़ में एम्बुलेंस पार्किंग को लेकर विवाद, चालकों ने सौंपा ज्ञापन

अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था बहाल करने की मांग, समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। चित्तौड़गढ़ एम्बुलेंस सेवा समिति के तत्वावधान में प्राइवेट एम्बुलेंस चालकों ने जिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस की पार्किंग व्यवस्था को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। एम्बुलेंस चालकों ने चिकित्सालय परिसर में पूर्व निर्धारित पार्किंग व्यवस्था बहाल रखने की मांग की है। समस्या का समाधान नहीं होने पर गुरुवार 20 अगस्त की शाम 6 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।ज्ञापन में बताया गया कि चित्तौड़गढ़ की प्राइवेट एम्बुलेंस वर्ष 2015 से रजिस्टर्ड चित्तौड़गढ़ एम्बुलेंस सेवा समिति के अधीन संचालित हैं। एम्बुलेंस चालक सांवलिया अस्पताल में पीड़ित, दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर बीमार एवं मृत व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर ले जाने की सेवाएं उपलब्ध कराते आ रहे हैं।

एम्बुलेंस चालकों के अनुसार वे वर्षों से जिला चिकित्सालय परिसर में निर्धारित स्थान पर एम्बुलेंस पार्किंग करते आ रहे हैं तथा राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी को पार्किंग शुल्क के रूप में प्रति एम्बुलेंस प्रतिमाह एक हजार रुपये नियमित रूप से जमा कराते रहे हैं।

हाल ही में पीएमओ की ओर से आदेश जारी कर एम्बुलेंस की पार्किंग व्यवस्था चिकित्सालय परिसर से अन्यत्र किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश को लेकर एम्बुलेंस चालकों में नाराजगी है। चालकों का कहना है कि एम्बुलेंस सेवा न्यूनतम शुल्क पर ईमानदारी से संचालित की जा रही है और उनके अनुसार अब तक सेवा को लेकर किसी प्रकार की धोखाधड़ी या चिटिंग की शिकायत सामने नहीं आई है।

चालकों ने कहा कि एम्बुलेंस मरीजों एवं दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर से एम्बुलेंस की पार्किंग हटाए जाने से मरीजों एवं उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

एम्बुलेंस चालकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए पार्किंग व्यवस्था को पूर्ववत किए जाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 20 अगस्त की शाम 6 बजे से सभी प्राइवेट एम्बुलेंस चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।