बन्शीलाल धाकड़
स्मार्ट हलचल|बड़ी सादड़ी, 21 अगस्त 2026, सद्गुरु के वचन अनमोल होते हैं इनका मूल्य संसार की किसी वस्तु से नहीं आंका जा सकता है। जो श्रद्धालु सद्गुरु के वचनों को केवल सुनता ही नहीं बल्कि उन्हें अपने जीवन में धारण कर उनके अनुसार चलता है वही वास्तविक में मुक्ति का अधिकारी बनता है। बल्कि ऐसा व्यक्ति स्वयं का जीवन सफल बनाने के साथ-साथ दूसरे के जीवन को भी सही दिशा प्रदान करता है। यह उदगार भीलवाड़ा से पधारे संत निरंकारी मिशन के निरंकारी ज्ञान प्रचार महात्मा श्री ग्यारसी लाल जी ने यहां संत निरंकारी सत्संग स्थल बड़ी सादड़ी में रात्रि को सत्संग में सैकड़ो श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा कराई जा रही परमात्मा की जानकारी के बाद परमात्मा के साथ इकमिक होने की भावना ही आध्यात्मिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य है। यह अवस्था सद्गुरु की कृपा सत्संग, सेवा, सिमरन, तथा गुरु मत के मार्ग पर निरंतर चलते रहने से प्राप्त होती है।स्वागत:-गोपाल लाल जाट, नंदलाल मोर्य, राधेश्याम, दिलीप, आदि ने बाहर से आए महात्मा का माला एवं दुपट्टा पहन कर स्वागत कर आभार व्यक्त किया। संचालन भेरूलाल ने किया। उक्त जानकारी संगत इंचार्ज राधेश्याम रेगर ने दी।
