जश्ने आमदे रसूल का समापन आज, अमन और भाईचारे के लिए होगी विशेष दुआ

हजरत मोहम्मद साहब को दोनों जहां के लिए रहमत बनाकर भेजा गया : मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी

चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। देहली गेट स्थित छीपा मोहल्ला अशरफी चौक में हजरत सैय्यद सरदार अहमद अकेडमी में आयोजित 21वें जश्ने आमदे रसूल के 10 रोजा जलसे का समापन 24 अगस्त 2026 को होगा। समापन अवसर पर मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी द्वारा देश, प्रदेश एवं चित्तौड़गढ़ शहर में अमन, शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की जाएगी।मोहम्मद यूसुफ छीपा ने बताया कि जलसे के दौरान नूरुद्दीन बस्तवी और फैज अहमद अशरफी ने नातिया कलाम पेश किए। वहीं सज्जादानशीन मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी ने तकरीर करते हुए पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनके संदेश और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब को अल्लाह तआला ने दोनों जहां के लिए रहमत बनाकर भेजा। उनके आने से लोगों में इंसानियत, रहमदिली, भाईचारे और अमन की भावना को बढ़ावा मिला। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, विधवाओं के प्रति संवेदना और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया।

मौलाना उमेर अशरफी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने अपने अखलाक और किरदार के माध्यम से लोगों को बेहतर जीवन जीने का तरीका बताया तथा शिक्षा की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने लोगों को एक-दूसरे के प्रति दया और भाईचारे का व्यवहार करने की सीख दी।

जलसे में हाफिज जावेद, जुल्फिकार अशरफी, अकरम छीपा, तौसीफ हुसैन, गुलाम अशरफ, शोएब अशरफी, उस्मान छीपा, सद्दाम अशरफी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार 10 रोजा जलसे का समापन 24 अगस्त को होगा। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद उमेर अशरफी द्वारा मुल्क हिन्दुस्तान, राजस्थान और चित्तौड़गढ़ में अमन, शांति, खुशहाली एवं भाईचारे के लिए विशेष दुआ की जाएगी।