विद्यालयों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक का विरोध, पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन

शिक्षा विभाग का आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग, CM के नाम कलेक्टर को दिया ज्ञापन

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल|राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के क्लास रूम एवं विद्यालय भवन की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए संस्था प्रधान की अनुमति अनिवार्य किए जाने के विरोध में इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) शाखा ब्यावर ने विरोध जताया। जिलाध्यक्ष कुलभूषण उपाध्याय के नेतृत्व में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि विद्यालयों में जर्जर भवन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की लापरवाही तथा अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में विद्यालय की वास्तविक स्थिति को तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से जनता तक पहुंचाना जनहित में आवश्यक है। संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति अनिवार्य किए जाने से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होने की आशंका है।

पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच लोकतांत्रिक सेतु हैं। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ सरकारी व्यवस्थाओं की कमियों एवं जनता की समस्याओं को सामने लाना भी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण दायित्व है।

ज्ञापन में मांग की गई कि पत्रकारों को जनहित से जुड़े मामलों की स्वतंत्र कवरेज के लिए अनावश्यक अनुमति प्रक्रिया से मुक्त किया जाए तथा विद्यालयों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान संरक्षक गोविन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष कुलभूषण उपाध्याय, महामंत्री दिलीप चौहान, उपाध्यक्ष संजयसिंह गहलोत, सचिव मुकेश शर्मा, विधानसभा प्रभारी हेमन्त साहू, कार्यकारिणी सदस्य भगवानसिंह रावत, सौरभ माथुर एवं अनिल कुमार खींची सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।