गांगलास में मुख्य सड़क कीचड़ में तब्दील, ग्रामीण परेशान

पंचायत की लापरवाही से जलभराव और गड्ढों की समस्या, हादसों व बीमारियों का बढ़ा खतरा
रिपोर्टर सुरज वर्मा
स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा जिले के गांगलास गांव में रेगरों के मोहल्ले में बाबा रामदेव मंदिर के समीप मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह जलभराव, कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत की ओर से समस्या के स्थायी समाधान को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीण नारायण लाल और नानूराम रेगर ने बताया कि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर पूरे वर्ष जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी रहती है। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। कीचड़ के कारण पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन चालकों को भी दुर्घटना का डर बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार अटल सेवा केंद्र, विद्यालय सहित गांव के कई हिस्सों में नालियों का निर्माण नहीं होने से बारिश और घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। लंबे समय से जलभराव के कारण सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और बड़े गड्ढे बन गए हैं।
करीब 500 मीटर सड़क बदहाल
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की मुख्य सड़क का करीब 500 मीटर हिस्सा वर्तमान में गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुका है। यह मार्ग बस स्टैंड सहित गांव के प्रमुख हिस्सों को जोड़ता है और क्षेत्र के दो बड़े धार्मिक स्थलों तक आने-जाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान यह मार्ग लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं हुआ है। सड़क जर्जर होने के बाद संबंधित विभाग की ओर से इसके रखरखाव और मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
बीमारियों और हादसों का डर
सड़क पर लंबे समय तक पानी और कीचड़ जमा रहने से गंदगी बढ़ रही है। ग्रामीणों को मच्छरजनित एवं अन्य बीमारियां फैलने की आशंका सता रही है। वहीं गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत, नालियों का निर्माण तथा पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को जलभराव और कीचड़ की समस्या से राहत मिल सके।