कागजों में चमक रही गुरला पंचायत, धरातल पर नालियों में सड़ रहा सिस्टम : कीरों का चोक सहकारी समिति में लाखों का बजट बह रहा सड़क पर

स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा, पंचायत समिति सुवाणा की गुरला ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था ध्वस्त,

ग्रामीण बोले – सिर्फ लिपापोती

गुरला:-स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा जिले की सुवाणा पंचायत समिति की आदर्श कही जाने वाली ग्राम पंचायत गुरला की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पंचायत मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित कीरों का मोहल्ला आज भी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहा है। यहां पिछले कई महीनों से नालियों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद में सोए हैं।

क्या है पूरा मामला

ग्राम पंचायत गुरला के अंतर्गत आने वाले कीरों का चोक मेन रोड शिव मंदिर के पास में से निकली मुख्य नालीया पिछले कहीं महीनों से पूरी तरह से चोक पड़ी है। नाली में कचरा, पॉलिथीन और मिट्टी जमने से उसका पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है। सड़क पर 24 घंटे गंदा और बदबूदार पानी भरा रहता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस गंदे पानी के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। महिलाओं को पानी भरने और मंदिर जाने कही गांवों के राहगीर को आने जाने में भी समस्या आती है गांव गुरला में भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन इस कीचड़ में फिसल कर घायल हो रहे हैं।

लाखों का बजट, कहां जा रहा पैसा?

ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि ग्राम पंचायत द्वारा हर महीने साफ-सफाई के नाम पर लाखों रुपए का बिल उठाया जा रहा है। पंचायत के रिकॉर्ड में सफाई कर्मचारी की नियुक्ति, फिनाइल, चूना और कचरा गाड़ी के नाम पर खर्च दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातल पर एक भी सफाई कर्मचारी कीरों का मोहल्ला में पिछले कई महीनों से नहीं देखा गया।
ग्रामीणों ने कहा कि “साफ सफाई के नाम पर सिर्फ लिपापोती की जा रही है। कागजों में सफाई दिखाकर राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। अगर सफाई होती तो नालियों का पानी सड़क पर क्यों बहता?”

बीमारियों का खतरा बढ़ा

सड़क पर जमा गंदे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। यहां डेंगू, मलेरिया और चर्म रोग जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। नाली का पानी घरों में घुस जाता है। कई बार ग्रामीण खुद अपने पैसों से मजदूर लगाकर नाली साफ करवाते हैं, लेकिन पंचायत इस ओर कोई ध्यान नहीं देती। प्रशासन मौन इस संबंध में कई बार सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में शिकायत करने पर कहा जाता है कि जल्द सफाई करवा दी जाएगी, लेकिन हफ्तों गुजर जाने के बाद भी कोई नहीं आता। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गुरला पंचायत का यह हाल उन दावों की पोल खोल रहा है।ग्रामीणों की मांग कीरों का मोहल्ला के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, जिला परिषद सीईओ और सुवाणा विकास अधिकारी से मांग की है कि गुरला ग्राम पंचायत के सफाई बजट की जांच की जाए और मौके पर टीम भेजकर गुरला व गुरला में गली-मोहल्लों कीरों का मोहल्ला में नालियों की स्थाई सफाई की व्यवस्था की जाए। साथ ही लापरवाह सफाई कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर सफाई दिखे।