प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं, अवसर मिलना जरूरी है”—आर.डी. मीणा
कोटा। स्मार्ट हलचल|जय मीनेश आदिवासी यूनिवर्सिटी, रानपुर में काला बादल जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह शिक्षा, प्रतिभा सम्मान और सामाजिक उत्थान के नए संकल्प का साक्षी बना। समारोह में 120 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही जरूरतमंद एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों की शिक्षा में आर्थिक सहयोग देने की पहल पर जोर दिया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए जय मीनेश आदिवासी यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन आर.डी. मीणा ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी प्रतिभावान युवा पीढ़ी है। हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का सम्मान करना नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराना है। कोई भी प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि काला बादल जयंती को शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ना समय की आवश्यकता है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रतिभावान विद्यार्थियों को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता मिले और उन्हें बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्राप्त हो।
आर.डी. मीणा ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को भी शिक्षा के इस अभियान में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। यदि समाज मिलकर अपनी प्रतिभाओं की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाए तो आने वाली पीढ़ी को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने भविष्य में प्रतिभावान विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प भी व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने का केंद्र नहीं, बल्कि समाज की नई पीढ़ी के सपनों को आकार देने का माध्यम बने—यही हमारा प्रयास है। ग्रामीण और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर मिलना जरूरी है।
समारोह में 120 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मंच से पहचान मिलने से उनमें उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि मेहनत और प्रतिभा को उचित अवसर मिलने पर विद्यार्थी देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने शिक्षा को सामाजिक उत्थान का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए प्रतिभावान विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जताई। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की शिक्षा संबंधी पहलों और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
काला बादल जयंती का यह आयोजन परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच सेतु बनता नजर आया। सम्मान से प्रतिभा को पहचान, सहायता से उसे संबल और निशुल्क शिक्षा के संकल्प से भविष्य को नई दिशा देने का संदेश समारोह से सामने आया।
समारोह के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन, आयोजन समिति, सहयोगकर्ताओं एवं सभी सहभागी लोगों को बधाई दी गई। आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।
