आकाश शर्मा
चित्रकूट ।स्मार्ट हलचल|शौर्य, भक्ति और बलिदान की पावन धरा—जहाँ कभी स्वाभिमान की रक्षा हेतु म्यान से तलवारें खिंच जाया करती थीं, जहाँ की आबोहवा में एक ओर मीरा के भजनों की पावन मिठास तैरती थी तो दूसरी ओर रणभूमि में घोड़ों की टापों से धरा रंजीत हो जाया करती थी—वही ऐतिहासिक चित्रकूट आज एक बेहद दिलचस्प और अनोखे ‘खेल के मैदान’ में तब्दील हो चुका है!
निकाय चुनाव 2026 के इस राजनीतिक महाकुंभ में नाम वापसी का समय गुजरने के बाद अब चुनावी पिच पूरी तरह से सज चुकी है। शहर के हर चौराहे, हर वार्ड और हर गली-मोहल्ले का नजारा बदल चुका है। जहाँ नजर घुमाओ, वहीं एक नया मैदान और उस पर अंकित उसका खास नंबर नजर आ रहा है। कहीं कोई प्रत्याशी हाथ जोड़े विनती करता दिख रहा है, तो कहीं कोई मतदाताओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद मांग रहा है। प्रत्याशियों के आगे-आगे ढोल-नगाड़ों की थाप पर समर्थकों का हुजूम ऐसे चल रहा है, मानो किसी लोकदेवता की देवरा यात्रा निकली हो।
इसी बीच, वार्ड/मैदान नंबर छत्तीस (36) पर अचानक बढ़ी रोशनी और गहमागहमी ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पड़ताल की तो पता चला कि सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत खेमे के बल्लेबाज ने अपने सधे हुए दांव-पेचों और आक्रामक बल्लेबाजी से 2,072 दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचकर मजबूत बढ़त बनाने का दांव खेला है। दूसरी ओर, चंद्रभान सिंह आक्या खेमे के धुरंधर बल्लेबाज भी ताबड़तोड़ रणनीति और आक्रामक तेवरों के साथ दर्शकों का रुख अपनी ओर मोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दोनों ही धुरंधर मैदान में डटे हुए हैं,इतना जरूर है वहां के दर्शक जाडावत टीम के बल्लेबाज की बल्लेबाजी से बहुत खुश नजर आ रही इंतजार है तों बस उनकी शतकीय पारी का ……………….. !
इस पूरे खेल महाकुंभ मुकाबले का सबसे रोचक पहलू यह है कि मुख्य पिच ( बाद में ) के अलावा लगभग ढाई दर्जन एक्स्ट्रा खिलाड़ी (निर्दलीय व अन्य) भी बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर तालियां बटोरने और बने-बनाये राजनीतिक समीकरणों को बिगाड़ने की फिराक में हैं। उससे भी अनूठा खेल यह चल रहा है कि आक्या टीम के फैसलों पर जाड़ावत की पैनी नजर है और जाड़ावत टीम के दांव-पेचों को आक्या स्वयं परख रहे हैं मानो दोनों दिग्गज एक-दूसरे के मैच में अंपायर की भूमिका निभा रहे हों ! किसकी कौन-सी गेंद पर किसकी गिल्लियां उड़ेंगी और किस अंपायर की उंगली कब ‘आउट’ का इशारा कर दे, इसका अंदाजा अभी लगाना मुश्किल है। बरहाल, चुनावी आचार संहिता के दायरे में खेला जा रहा यह मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ पहुँचा है और चित्रकूट की जनता राजनीति के इस रोमांचक महाकुंभ का जमकर लुत्फ उठा रही है।