शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-स्मार्ट हलचल|अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शाहपुरा सानिया हाशमी ने वर्ष 2018 में ढिकोला, थाना शाहपुरा, जिला भीलवाड़ा में हुई मारपीट के मामले में अभियुक्तगण प्रवीण मेहता एवं आशा मेहता को दोषसिद्ध करते हुए विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्तों को अधिकतम 10 वर्ष के साधारण कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने बताया कि प्रकरण के अनुसार परिवादी देवेंद्र पाराशर निवासी ढिकोला ने थाना शाहपुरा में हस्तलिखित रिपोर्ट प्रस्तुत कर मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि परिवादी की भाभी के साथ घर के बाहर पिकअप खड़ी करने की बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अभियुक्त प्रवीण मेहता एवं आशा मेहता द्वारा लकड़ी से मारपीट की गई। मारपीट में पीड़िता के सिर एवं शरीर पर चोटें आईं।
इस संबंध में थाना शाहपुरा पर एफआईआर संख्या 362/2018 धारा 323 एवं 341 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। अनुसंधान के दौरान घायल के शरीर पर आई गंभीर चोटों के आधार पर प्रकरण में धारा 307 भारतीय दंड संहिता भी जोड़ी गई।
अनुसंधान पूर्ण होने के पश्चात अभियुक्तगण प्रवीण मेहता एवं आशा मेहता के विरुद्ध धारा 307, 323, 341 सहपठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप पत्र अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, शाहपुरा के न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण सेशन न्यायालय द्वारा विचारणीय होने के कारण मामला सेशन न्यायालय, शाहपुरा को कमिट किया गया।
प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल 17 साक्षियों के बयान करवाए गए तथा 14 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया गया।
अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य तथा पत्रावली पर उपलब्ध समस्त तथ्यों का अवलोकन करने के पश्चात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानिया हाशमी ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से सहमत होते हुए अभियुक्तगण प्रवीण मेहता एवं आशा मेहता निवासी ढिकोला, थाना शाहपुरा, जिला भीलवाड़ा को धारा 307, 323 एवं 341 सहपठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषसिद्ध किया।
न्यायालय ने अभियुक्तगण को विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा एवं अर्थदंड से दंडित करते हुए अधिकतम 10 वर्ष के साधारण कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा की प्रभावी पैरवी एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण को दोषसिद्ध किया गया।