अरुणाचल विधानसभा में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का संबोधन, राज्यपाल-सीएम पेमा खांडू सहित नेताओं ने गर्मजोशी से किया स्वागत

 

विशेष सत्र के दूसरे दिन पहुंचे उपराष्ट्रपति, विकास यात्रा की सराहना कर जनप्रतिनिधियों से नए संकल्प के साथ काम करने का किया आह्वान

ईटानगर। स्मार्ट हलचल|अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के आठवें विधानसभा के सातवें विशेष सत्र के दूसरे दिन सदन में देश के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन का गरिमापूर्ण संबोधन हुआ। उपराष्ट्रपति के विधानसभा पहुंचने पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री पेमा खांडू, गृह मंत्री मामा नटुंग और विधानसभा अध्यक्ष ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान विधानसभा परिसर में गरिमापूर्ण माहौल रहा और जनप्रतिनिधियों ने उपराष्ट्रपति की उपस्थिति को महत्वपूर्ण एवं यादगार अवसर बताया।

विकास यात्रा को बताया उल्लेखनीय

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में अरुणाचल प्रदेश की विकास यात्रा और पिछले वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश ने विकास और परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद यहां विकास की नई संभावनाएं लगातार आकार ले रही हैं।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

जनकल्याण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी प्रदेश की वास्तविक प्रगति केवल आधारभूत ढांचे के विकास तक सीमित नहीं होती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और युवाओं के अवसरों में सुधार भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप नीतियों और योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ काम करने से अरुणाचल प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। प्रदेश की युवा शक्ति और प्राकृतिक संसाधन उसकी बड़ी ताकत हैं। इनका उपयोग सतत एवं संतुलित विकास के लिए किया जाना चाहिए।

विधानसभा में रहा गौरवपूर्ण माहौल

उपराष्ट्रपति का विधानसभा में संबोधन जनप्रतिनिधियों के लिए विशेष अवसर रहा। उनके आगमन से लेकर सदन में संबोधन तक पूरे कार्यक्रम में गरिमा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। राज्यपाल, मुख्यमंत्री पेमा खांडू, गृह मंत्री मामा नटुंग और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से किया गया गर्मजोशी भरा स्वागत भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।

विशेष सत्र के दौरान अरुणाचल प्रदेश की अब तक की विकास यात्रा पर चिंतन के साथ भविष्य की दिशा को लेकर भी सकारात्मक संदेश सामने आया। जनप्रतिनिधियों के लिए यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों को याद करने और आने वाली चुनौतियों के लिए नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने का अवसर बना।

‘विकसित अरुणाचल’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश

उपराष्ट्रपति के संबोधन का मुख्य संदेश प्रदेश के विकास और लोगों के कल्याण को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने का रहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

विधानसभा के विशेष सत्र में उपराष्ट्रपति की मौजूदगी और उनका संबोधन अरुणाचल प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा का एक गौरवपूर्ण और यादगार अध्याय बना। इस अवसर पर प्रदेश की विकास यात्रा को नई दृष्टि से देखने और भविष्य के लिए नए उत्साह एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश मिला।