सिर्फ सुनने से नहीं जागेगा जीवन, धर्म को आचरण में उतारना होगा—साध्वी चंचल कंवर

महेन्द्र नागौरी

पर्युषण के तीसरे दिन दान, शील, तप और भावना का संदेश… ‘धन बढ़े तो दान करो, मन चढ़े तो ध्यान करो’

भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|पर्युषण पर्व के तीसरे दिन प्राज्ञ भवन धर्ममय वातावरण में डूबा रहा। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आचार्य प्रवर पूज्य गुरुदेव श्री 1008 रामलालजी महाराज साहब, उपाध्याय प्रवर बहुश्रुत वाचनाचार्य श्री राजेश मुनिजी महाराज साहब की आज्ञानुवर्तिनी शासन दीपिका श्री चंचल कंवरजी महाराज साहब आदि ठाणा के सान्निध्य में धर्मसभा हुई।
शासन दीपिका श्री चंचल कंवरजी महाराज साहब ने प्रवचन में जीवन को सार्थक बनाने का मंत्र देते हुए कहा कि ‘‘सुनना, समझना और करना—इन्हीं तीनों के मेल से जीवन में वास्तविक जागरण होगा।’’ उन्होंने कहा कि जिनवाणी जीवन जीने की कला सिखाती है, लेकिन केवल प्रवचन सुन लेना पर्याप्त नहीं है। धर्म तब सार्थक होगा, जब उसकी सीख व्यवहार और आचरण में दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में धर्म-साधना के लिए समय सीमित है, ऐसे में भगवान ने मोक्षमार्ग की ओर बढ़ने के लिए दान, शील, तप और भावना का मार्ग बताया है। जैसे एक छोटा-सा बीज समय के साथ हजारों फल देता है, उसी तरह धर्म के क्षेत्र में बोया गया पुण्य का बीज भविष्य में मोक्ष का फल देता है।
धन बढ़े तो दान करो…
महाराज साहब ने संपत्ति की तीन गतियां बताते हुए कहा—अर्जन, सर्जन और विसर्जन। धन कमाना ही जीवन का उद्देश्य नहीं है। अर्जित संपत्ति का उचित विसर्जन यानी जरूरतमंदों और धर्म के कार्यों में दान करना भी जरूरी है। उन्होंने प्रेरक संदेश दिया—‘‘दान दिए बिना सोना नहीं, दान देकर रोना नहीं। तन बढ़े तो व्यायाम करो, मन चढ़े तो ध्यान करो और धन बढ़े तो दान करो।’’
प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह:-
प्रवचन के बाद कर्मबंधन एवं मोहनीय कर्म पर आधारित प्रतियोगिता हुई। इसमें पूर्णिमा भूरा प्रथम, श्रुति रूगलेजा द्वितीय और ललिता दोसर तृतीय रहीं।
दोपहर 2 बजे ‘‘भाग्य और पुरुषार्थ’’ विषय पर आधारित प्रतियोगिता में 15 टीमों ने भाग लिया। इसमें आशा बम, सुनीता बागचार व सीमा पानगड़िया ग्रुप प्रथम, सीमा डागी, दीपा चौधरी व ललिता लासोड़ ग्रुप द्वितीय तथा ज्योति कोठारी, अभिलाषा पानगड़िया व इंदिरा नागौरी ग्रुप तृतीय रहा।
श्रावक संघ मंत्री पारसमल कूकड़ा ने कार्यक्रम का संचालन किया। संघ अध्यक्ष गोवर्धन सिंह कांवडिया ने बताया कि 13 सितंबर को गुरुदेव श्री पन्नालाल जी महाराज साहब की जन्म जयंती सामूहिक दया दिवस एवं भिक्षु दया दिवस के रूप में मनाई जाएगी। महिला मंडल अध्यक्ष मधु लोढ़ा एवं मंत्री अर्पिता हांसा ने आगामी प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। 11 सितंबर को ‘‘होगा मिलान तो मिलेगा इनाम’’ प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें सभी धर्मप्रेमियों को आमंत्रित किया गया है।
धर्मसभा में नाथूलाल छाजेड़, दलपत डांगी, सुभाष सकलेचा,
धनपत नाहर, दरियाव सिंह, अशोक लसोड़ सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।