अवैध बजरी परिवहन पर बनेठा पुलिस की कार्रवाई—बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

पुलिस को देखकर बजरी सड़क किनारे पानी-कीचड़ में खाली करने का आरोप-पुलिस ने चालक को दिखाया फरार-ट्रॉली में मिली 15-20 परात बजरी; मामला दर्ज,

* मौके की कार्रवाई के ई-साक्ष्य ऐप पर वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी नहीं होने से पुलिस कार्यशैली पर गंभीर सवाल

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/बनेठा। स्मार्ट हलचल|अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बनेठा थाना पुलिस ने 9 सितंबर 2026 को खददो की झोपड़ियां क्षेत्र में बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक पर पुलिस को चकमा देकर खेतों में फरार होने का कथित आरोप हैं।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई सुरेली रोड से खददो की झोपड़ियां की तरफ जाने वाले रास्ते पर की गई। रिपोर्ट के मुताबिक हेड कांस्टेबल दयाराम जाट मय जाप्ता फैज मोहम्मद तथा 112 वाहन चालक कालूराम गश्त एवं बदमाशान की निगरानी के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान सुरेली रोड पर मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बनास नदी की बजरी से भरी हुई सुरेली की तरफ से खददो की झोपड़ियां की ओर जा रही है।
सूचना पर पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 9 सितम्बर की शाम करीब 3:40 बजे खददो की झोपड़ियां से सुरेली की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस को बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई दी। पुलिस द्वारा दूर से इशारा कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवाने का प्रयास किया गया तो चालक ने ट्रॉली में भरी बजरी को रास्ते में भरे बारिश के पानी एवं कीचड़ में खाली कर दिया तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर भागने लगा। पुलिस ने चालक का पीछा किया, लेकिन वह खेतों में उग रही फसल के बीच से भागने में सफल हो गया। इसके बाद मौके पर छोड़े गए ट्रैक्टर-ट्रॉली की जांच की गई तो ट्रॉली में करीब 15-20 परात बजरी भरी हुई मिली।
*ई-साक्ष्य ऐप पर मौका कार्रवाई की वीडियो-फोटोग्राफी नहीं-पुलिस कार्यशैली पर सवाल*
वहीं, बनेठा थाना पुलिस द्वारा खददो की झोपड़ियां गांव में अवैध बजरी परिवहन के मामले में की गई मौका कार्रवाई के ई-साक्ष्य ऐप पर वीडियो एवं फोटोग्राफी दर्ज नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। अलग से वीडियोग्राफी का जिक्र भी नहीं है। क्षेत्र में चर्चा है कि जब-जब हेड कांस्टेबल दयाराम जाट की गश्त ड्यूटी के दौरान कार्रवाई हुई, तब-तब मौका कार्रवाई के ई-साक्ष्य तैयार किए जाने को लेकर सवाल सामने आए हैं। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मौके की कार्रवाई के दौरान ई-साक्ष्य क्यों दर्ज नहीं किए गए? क्या कार्रवाई के समय तकनीकी अथवा अन्य कोई कारण था? यदि ई-साक्ष्य बनाने की व्यवस्था उपलब्ध थी तो मौके की वीडियो एवं फोटोग्राफी क्यों नहीं की गई? इन सवालों का जवाब पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया जाना बाकी है। खास बात यह भी है कि पुलिस रिपोर्ट में मौके की कार्रवाई, वाहन की जब्ती और बजरी से संबंधित कार्रवाई का विस्तृत उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट में मौके की ई-साक्ष्य ऐप पर वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी नहीं होने की बात सामने आती है।
*बिना नंबर का ट्रैक्टर, इंजन-चेसिस नंबर से हुई पहचान*
पुलिस के अनुसार ट्रैक्टर महिंद्रा 575 डीआई, लाल रंग का था। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं पाया गया। ट्रैक्टर का इंजन नंबर RSE2GDA4364 तथा चेसिस नंबर MBNGAALLZSRE01364 पाया गया। पुलिस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि ट्रॉली में पूर्व में करीब 6 टन बजरी भरी हुई थी, जिसे चालक द्वारा पुलिस जाप्ते को देखकर रास्ते में भरे बारिश के पानी एवं कीचड़ में खाली कर दिया गया।
*BNS और MMDR Act के तहत मामला दर्ज*
पुलिस रिपोर्ट में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत अवैध बजरी खनन एवं परिवहन पर प्रतिबंध का हवाला देते हुए प्रतिबंधित बनास नदी क्षेत्र से अवैध बजरी खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर परिवहन करने को BNS की धारा 303(2) एवं MMDR Act की धारा 4/21 के तहत दंडनीय अपराध बताया गया है। पुलिस ने जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवाया। रिपोर्ट के अनुसार मौके पर स्वतंत्र गवाह बनाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन आपसी रंजिश एवं कोर्ट-कचहरी के डर के कारण कोई स्वतंत्र गवाह बनने को तैयार नहीं हुआ। मामले की जांच उपनिरीक्षक जसवंत सिंह शेखावत को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में नियमानुसार अनुसंधान एवं आगे की कार्रवाई जारी है।
सवाल: जब कार्रवाई मौके पर हुई, वाहन जब्त हुआ और पुलिस ने विस्तृत मौका कार्रवाई दर्ज की, तो फिर ई-साक्ष्य ऐप पर मौके की वीडियो-फोटोग्राफी क्यों नहीं हुई? क्या पुलिस विभाग इस पर स्पष्टीकरण देगा?