डाकघर की छत बनी जान का खतरा, प्लास्टर गिरने से कर्मचारी घायल

खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर कस्बे में संचालित डाकघर का जर्जर भवन कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए खतरा बना हुआ है। ब्रिटिशकाल में निर्मित इस भवन की छत और प्लास्टर की हालत इतनी खराब है कि आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है। कर्मचारियों की ओर से अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
गुरुवार करीब 12:30 बजे डाकघर के जीडीएस कार्यालय में कर्मचारी काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर टूटकर कर्मचारी सुमित कुमार के ऊपर गिर गया। हादसे में वह घायल हो गए। गनीमत रही कि घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
बताया गया कि खखरेरू डाकघर का भवन काफी पुराना है। आजादी के 78 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी भवन की समुचित मरम्मत और रखरखाव नहीं कराया गया। जगह-जगह छत का प्लास्टर टूट चुका है और भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
डाकघर में स्पीड पोस्ट, पंजीकृत डाक समेत अन्य सेवाओं के लिए प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण पहुंचते हैं। जर्जर भवन के कारण कर्मचारियों के साथ ही यहां आने वाले ग्राहकों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कर्मचारियों के अनुसार भवन की खराब स्थिति की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है। शिकायत के बाद डाक अधीक्षक अमित कुमार ने मौके का निरीक्षण किया था। एसडीआई स्तर से भी भवन की जांच की गई थी। उस समय बताया गया था कि पीएमजी कार्यालय से भवन के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। तब तक कर्मचारियों को इसी जर्जर भवन में काम करना पड़ रहा है।
भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों और ग्रामीणों ने डाक विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराने तथा जर्जर भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराने की मांग की है।