शाश्वत तिवारी
नई दिल्ली।स्मार्ट हलचल|भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की औपचारिक शुरुआत ब्रिक्स बिज़नेस फोरम के भव्य उद्घाटन के साथ हुई। नई दिल्ली में आयोजित इस फोरम में सदस्य देशों के व्यापारिक दिग्गजों और सरकारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत व्यापारिक साझेदारी, भरोसेमंद सप्लाई चेन और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया।
डॉ. जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा ब्रिक्स बिज़नेस फोरम 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर खुशी हुई। मैंने आर्थिक मजबूती, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन) के महत्व पर ज़ोर दिया। इससे हमें मौजूदा ग्लोबल आर्थिक माहौल के जोखिमों और अवसरों को समझने और उनसे निपटने में मदद मिलेगी। साथ ही, ठोस व्यवस्थाएं बनाने और विकल्पों का दायरा बढ़ाने के लिए ब्रिक्स देशों की एक-दूसरे की खूबियों का लाभ उठाने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने आगे कहा मुझे पूरा भरोसा है कि ब्रिक्स बिज़नेस फोरम 2026 पार्टनरशिप को मज़बूत करने, बाज़ारों तक पहुंचने, सप्लाई नेटवर्क को जोड़ने और व्यावहारिक कमर्शियल संबंध बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया कई वैश्विक आर्थिक संकटों और सप्लाई चेन की बाधाओं से जूझ रही है, ऐसे में ब्रिक्स देशों को आपस में सहयोग बढ़ाना होगा और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाना होगा। इसी मंच से केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी सदस्य देशों से अपनी पेमेंट प्रणालियों को आपस में जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की अपील की।
बिज़नेस फोरम के संपन्न होने के बाद 12-13 सितंबर को प्रगति मैदान के ‘भारत मंडपम’ में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में होने वाले इस सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत मिस्र, ईरान, यूएई, इथियोपिया और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य देशों के शीर्ष नेता और राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल होंगे।
दो दिनों तक चलने वाले विभिन्न सत्रों एवं बैठकों के दौरान मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम, राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित उपयोग और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के विस्तार पर अंतिम सहमति बनेगी। सम्मेलन के आखिरी दिन 13 सितंबर को एक साझा वैश्विक घोषणापत्र (ज्वाइंट डिक्लेरेशन) भी जारी किया जा सकता है।