आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक बाड़मेर में 200 माताओं की उपस्थिति में मातृ सम्मेलन संपन्न
चिम धतरवाल
बाड़मेर। स्मार्ट हलचल|आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय बाड़मेर में मातृ सम्मेलन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मातृशक्ति की भूमिका, बच्चों के संस्कार और वर्तमान समय में परिवार की जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती वीणा पनपलिया ने की। मुख्य अतिथि प्रोफेसर श्रीमती विमला चौधरी तथा मुख्य वक्ता विद्या भारती जोधपुर प्रांत के निरीक्षक भगवतदान जी रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, मां सरस्वती एवं ओम के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात मां सरस्वती की स्तुति प्रस्तुत की गई। अतिथियों का परिचय विद्यालय की आचार्या संगीता जोशी ने करवाया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर विमला चौधरी ने वर्तमान समय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चियों से अपनी बात खुलकर, आत्मविश्वास और प्रसन्नता के साथ रखने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता भगवतदान जी ने कहा कि विद्या मंदिर केवल विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा देने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि उनका प्रमुख उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति एवं श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि जिन गौरवशाली परंपराओं के कारण भारत की विश्व में विशेष पहचान रही है, उन परंपराओं से नई पीढ़ी को जोड़ना आवश्यक है। हमारे महापुरुषों के आदर्शों को भैया-बहनों के जीवन में उतारना ही विद्या मंदिरों का प्रमुख लक्ष्य है।
कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती वीणा पनपलिया ने कहा कि मां को समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और भारत भूमि वीर सपूतों की जननी रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम, श्रीकृष्ण, छत्रपति शिवाजी और स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम का मंच संचालन कमला राजपुरोहित ने किया, जबकि मंजू राजपुरोहित ने आभार व्यक्त किया। शांति मंत्र एवं प्रसाद वितरण के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
इस अवसर पर करीब 200 माताओं के साथ विद्यालय के निदेशक सीताराम खत्री, प्रधानाचार्य चेतनानंद बोहरा, लंगेरा विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश सोनी, विद्यालय स्टाफ तथा अनेक अभिभावक उपस्थित रहे।