गुरु के संदेशों को जीवन में उतारना ही सच्ची गुरुभक्ति: शासन दीपिका चंचल कंवर मासा

महेन्द्र नागौरी

भीलवाड़ा में पूज्य प्रवर्तक पन्नालाल महाराज की 139वीं जन्म जयंती पर कुरीतियों के खिलाफ जागृति और संस्कारों की रक्षा का गूंजा संदेश

भीलवाड़ा ।स्मार्ट हलचल|पर्युषण पर्व के छठे दिवस पर पूज्य प्रवर्तक पन्नालाल महाराज की 139वीं जन्म जयंती श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं के साथ मनाई गई। आचार्य प्रवर पूज्य गुरुदेव श्री 1008 रामलाल मासा एवं उपाध्याय प्रवर बहुश्रुतवाचनाचार्य राजेश मुनि मासा की आज्ञानूवर्तनी शासन दीपिका चंचल कंवर मासा आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में गुरु के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया गया।कुरीतियों के खिलाफ पूज्य पन्नालाल महाराज का योगदानशासन दीपिका चंचल कंवर मासा ने मंगल देशना में कहा कि गुरु वह दिव्य प्रकाश हैं, जो अंधकार में भटकते जीव को सही राह दिखाते हैं। महापुरुषों के जीवन पर सिर्फ गर्व करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संदेशों को अपने आचरण में उतारना ही सच्ची गुरुभक्ति है। उन्होंने रेखांकित किया कि पूज्य पन्नालाल महाराज ने अपने जीवनकाल में बाल विवाह, मृत्यु भोज और बलि प्रथा जैसी गंभीर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाकर समाज में नव-जागृति का शंखनाद किया था।’दुर्गति की ट्रेन’ से उतरकर सद्गति की राह पकड़ेंधर्मसभा में ‘दुर्गति की ट्रेन’ विषय पर गूढ़ प्रवचन देते हुए चंचल कंवर मासा ने कहा कि यदि मनुष्य का जीवन दुर्गति की ओर बढ़ रहा है, तो समय रहते विवेक जागृत कर दिशा बदलनी होगी। मनुष्य को सदैव सद्गति और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ने का पुरुषार्थ करना चाहिए। उन्होंने नई पीढ़ी पर बढ़ते पाश्चात्य (वेस्टर्न) प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति और संस्कारों की रक्षा के लिए संपूर्ण समाज को जागरूक होने का संदेश दिया।धर्मसभा में तपस्या का आह्वान और बहुमान101 तेलातप का आह्वान: श्री संघ अध्यक्ष गोवर्धन सिंह कावड़िया ने सामूहिक दया, भिक्षु दया और मीठी दया करने वाले श्रावक-श्राविकाओं की गहरी अनुमोदना की। साथ ही उन्होंने समाज से 101 तेलातप करने का आग्रही आह्वान किया।तपस्वियों का साधुवाद: श्री संघ मंत्री पारसमल कुकड़ा ने कुशल संचालन करते हुए जानकारी दी कि कार्यक्रम में 100 से अधिक भिक्षु दया और 115 मीठी दया का प्रत्याख्यान करने वाले श्रद्धालुओं का साधुवाद किया गया। उन्होंने सभी को नियमित स्वाध्याय प्रेमी बनने की प्रेरणा दी।सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और समाज की उपस्थितिइस पावन प्रसंग पर बसंता डांगी, मधु लोढ़ा, किरण सेठी, मानमल डांगी, गौरव सुराणा, रतन संचेती और मुस्कान पीपाड़ा सहित स्थानीय जैन पाठशाला के बच्चों ने गुरु भक्ति से ओतप्रोत सुंदर प्रस्तुतियां दीं। गुरु भक्ति पर श्रेष्ठ विचार रखने वाले बच्चों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं, महिला मंडलों की सदस्याएं एवं सकल जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।