(महेन्द्र नागौरी)
खटोड़ बोले—देश में 15 करोड़ वरिष्ठ नागरिक, फिर भी सम्मान और सुविधाओं में पीछे
भीलवाड़ा स्मार्ट हलचल|वरिष्ठ नागरिक मंच की सितंबर माह की मासिक बैठक में शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सदस्यों ने जमकर आवाज उठाई। मंच अध्यक्ष मदन खटोड़ ने कहा कि भारत में करीब 15 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं और वर्ष 2050 तक यह संख्या 35 करोड़ पहुंचने की संभावना है, लेकिन उन्हें अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। आने वाला समय वरिष्ठ नागरिकों का है।
बैठक में सदस्यों ने टूटी सड़कें, सीवरेज व गैस पाइपलाइन के खुले गड्ढे, आवारा पशु, बदहाल नालियां, रोड लाइट की कमी, पार्कों में प्रसाधन का अभाव, ट्रैफिक अव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए।
उमेश शर्मा ने आवारा पशुओं व टूटी नालियों की समस्या बताई, जबकि राकेश सक्सेना ने महिलाओं के साथ अभद्रता और चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर चिंता जताई। अरुण आचार्य ने शहर में पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ की कमी का मुद्दा उठाया। प्रमोद तोषनीवाल ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और आमजन को ट्रैफिक सेंस सिखाने की जरूरत बताई।
उमाशंकर शर्मा ने हर वार्ड में निगरानी कमेटी और नगर निगम में शिकायत निवारण केंद्र बनाने की मांग रखी। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सेंटर और पेंशनर्स को आयकर से राहत देने की मांग भी उठी।
बैठक में तय किया गया कि सभी समस्याओं को शामिल कर मांग-पत्र तैयार कर नगर निगम के नए बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। बैठक की शुरुआत मंजुलता भट्ट और उर्मिला माहेश्वरी के वंदे मातरम् गान से हुई। नए सदस्यों और सितंबर माह में जन्मदिन वाले सदस्यों का सम्मान भी किया गया।