पोटलां में धूमधाम से विराजे विघ्नहर्ता, आधा दर्जन से अधिक सार्वजनिक स्थानों और सैकड़ों घरों में गणपति स्थापना

​पोटलां। स्मार्ट हलचल |क्षेत्र में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व अपार श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयकारों की गूंज के साथ प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। गांव के मुख्य मंदिरों, प्रमुख मौहल्लों और सार्वजनिक चौराहों सहित सैकड़ों घरों में विघ्नहर्ता विनायक शुभ मुहूर्त में विधि-विधानपूर्वक विराजे।
​इन प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर हुई स्थापना ​गांव में लगभग आधा दर्जन से अधिक प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भव्य पूजा पंडाल सजाए गए हैं, जहां श्रद्धालु सुबह-शाम महाआरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं: ​गणेश जी मंदिर रावला चौक: कस्बे के ऐतिहासिक रावला चौक स्थित गणेश मंदिर में विशेष आंगी और भव्य श्रृंगार के साथ गणपति बापा को विराजमान किया गया। यहां सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। ​मंशापूर्ण बालाजी मंदिर: मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद गजानन की प्रतिमा स्थापित की गई। शाम को संगीतमय आरती का आयोजन किया गया। ​रैगर मौहल्ला: मौहल्ले के युवाओं द्वारा आकर्षक पूजा पंडाल सजाकर रिद्धि-सिद्धि के दाता की प्रतिमा स्थापित की गई। ​ज्वालो का मौहल्ला: स्थानीय निवासियों ने ढोल-धमाकों के साथ बप्पा की अगवानी की और विधि-विधान से स्थापना कर मोदक का भोग लगाया।
​आसण क्षेत्र व नई नगरी: इन क्षेत्रों में भी गणेश उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखा गया। युवाओं और बच्चों की टोली ने पारंपरिक जयकारों के साथ प्रतिमाओं की स्थापना की।​मंडोवरा भवन: मंडोवरा भवन परिसर में गणपति स्थापना के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ।
​घर-घर में विराजे सिद्धि विनायक
​सार्वजनिक पंडालों के साथ-साथ कस्बे के सैकड़ों घरों में भी श्रद्धालुओं ने मिट्टी के ईको-फ्रेंडली गणपति की स्थापना की। शुभ मुहूर्त में पंडितों के सानिध्य में पूजा-अर्चना कर गणपति को मोदक, दुर्वा और पुष्प अर्पित किए गए। पूरा गांव भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गया है।
​धार्मिक कार्यक्रमों का रहेगा दौर ​गणेश उत्सव के दौरान आगामी दिनों में इन सभी पंडालों और मंदिरों में प्रतिदिन विशेष आरती, मोदक प्रसाद वितरण, सुंदरकांड पाठ और सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उत्सव को लेकर ग्रामीणों और विशेषकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।