5 उम्मीदवारों ने दाखिल किए 6 नामांकन, 21 सितंबर को होगा सभापति का चुनाव
मदन मोहन गर्ग
गंगापुर सिटी, स्मार्ट हलचल। नगर परिषद गंगापुर सिटी के सभापति पद के लिए बुधवार को 5 उम्मीदवारों ने कुल 6 नामांकन दाखिल किए। इनमें भाजपा की ओर से तीन और कांग्रेस की ओर से दो प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भरे। सभापति पद के लिए मुख्य मुकाबला कांग्रेस के वार्ड 30 पार्षद कृष्ण कुमार गोयल ‘कुबेर’ और भाजपा के वार्ड 57 पार्षद विजय कुमार गुप्ता के बीच है। सभापति पद का चुनाव 21 सितंबर को होगा।
भाजपा की ओर से वार्ड 57 के पार्षद विजय कुमार गुप्ता, वार्ड 36 की पार्षद गीता देवी नरूका और वार्ड 1 की पार्षद जीनत गद्दी ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा ने विजय कुमार गुप्ता को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हुए पार्टी का सिंबल दिया है।
वहीं कांग्रेस की ओर से वार्ड 30 के पार्षद कृष्ण कुमार गोयल ‘कुबेर’ ने विधायक रामकेश मीणा के साथ पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। गोयल ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी एक पर्चा भरा। वार्ड 35 के पार्षद गिरधारीलाल ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया।
इस दौरान विधायक रामकेश मीणा ने कहा कि नगर परिषद के 60 वार्डों में कांग्रेस ने 27 वार्डों में जीत दर्ज की है। उन्होंने दावा किया कि निर्दलीय पार्षद भी कांग्रेस के साथ आ रहे हैं। विधायक ने कहा कि पार्टी ने कृष्ण कुमार गोयल को सभापति पद का दावेदार बनाया है और उन्हें करीब 38 पार्षदों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने शहर की जनता से किए गए वादों को पूरा करने तथा स्वच्छ छवि और ईमानदार व्यक्ति को सभापति बनाने की बात कही।
भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि वार्ड के साथ-साथ पूरे गंगापुर सिटी के लोगों ने उन पर विश्वास जताया है। इसी विश्वास के चलते पार्टी ने उन्हें सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने भाजपा का बोर्ड बनने और शहर में विकास कार्यों को गति देने का दावा किया। गुप्ता ने गंगापुर सिटी को विकास के मामले में प्रदेश में नंबर वन बनाने की बात कही।
पूर्व पालिका अध्यक्ष गीता देवी नरूका ने कहा कि उनके पिछले कार्यकाल में शहर में कई विकास कार्य कराए गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा का बोर्ड बनने पर विकास की रफ्तार को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि नगर परिषद गंगापुर सिटी के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 27, भाजपा ने 17 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 16 वार्डों में जीत दर्ज की थी। ऐसे में सभापति पद के चुनाव को लेकर निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का समीकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।