क्वार्टर में अचानक बिगड़ी थी तबीयत, अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम; एएसपी शाहाबाद खान व डीएसपी योगेश शर्मा सहित अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
आकोला/मांडलगढ़ (स्मार्ट हलचल/रमेशचंद्र डाड)
आकोला/मांडलगढ़ (स्मार्ट हलचल/14वीं आरएसी (खन्न) में पदस्थापित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) गिरिराज गर्ग (56) का हृदयाघात से असामयिक निधन हो गया। बुधवार रात सरकारी आवास में अचानक तबीयत बिगड़ने पर साथी पुलिसकर्मी उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान गुरुवार तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली। कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के निधन की सूचना मिलते ही पुलिस एवं आरएसी महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
अगस्त में संभाला था पदभार, सेवा के 4 वर्ष थे शेष
जानकारी के अनुसार डीएसपी गिरिराज गर्ग को इसी वर्ष मार्च में जयपुर के निजी अस्पताल में हार्ट ब्लॉकेज के चलते स्टेंट डाला गया था। इसके बाद अगस्त 2026 में उन्होंने 14वीं आरएसी में डीएसपी के पद पर कार्यभार संभाला था। उनकी राजकीय सेवा के अभी लगभग चार वर्ष शेष थे। उनके पुत्र प्रज्ज्वल गर्ग ने बताया कि बुधवार रात स्टाफ द्वारा तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी, जिस पर वे परिजनों के साथ पहुंचे लेकिन सुबह उनके निधन का दुखद समाचार मिला।
मूल रूप से मांडलगढ़ के निवासी थे डीएसपी गर्ग
दिवंगत डीएसपी का परिवार मूल रूप से मांडलगढ़ का रहने वाला है। उनके परिवार में सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी पिता बालाप्रसाद गर्ग, माता, दो भाई, पत्नी और दो बच्चे हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजन पार्थिव देह को मांडलगढ़ लेकर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में कस्बेवासी अंतिम दर्शन हेतु पहुंचे।
🛑 पुलिस अधिकारियों ने दी अंतिम सलामी:
- मांडलगढ़ पहुंचने पर 14वीं आरएसी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाहाबाद खान मय टीम पहुंचे।
- मांडलगढ़ डीएसपी योगेश शर्मा एवं थाना प्रभारी राजकुमार नायक मय पुलिस बल ने पुष्पचक्र अर्पित किए।
- पुलिस जवानों ने मातमी धुन के साथ हवा में फायर कर दिवंगत डीएसपी को अंतिम सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी।
पंचतत्व में विलीन हुए डीएसपी गर्ग
राजकीय सम्मान की औपचारिकताओं के पश्चात परिजनों ने वैदिक विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया और गिरिराज गर्ग पंचतत्व में विलीन हो गए। पुलिस एवं आरएसी के अधिकारियों तथा जवानों ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। मांडलगढ़ कस्बे में पुलिस सम्मान और फायर सलामी के साथ दी गई यह अंतिम विदाई अत्यंत भावुक क्षण रही।