गुंडली गांव में तेंदुए का सफल व सुरक्षित रेस्क्यू: प्राथमिक उपचार के बाद रेंज कार्यालय में निगरानी, हालत स्थिर

कोटा जू की विशेषज्ञ मेडिकल टीम से लिया गया परामर्श, वाइटल पैरामीटर्स में सुधार; डीएफओ मारिया शाइन ने आमजन से की अपील—वन्यजीव दिखने पर 1926 पर दें सूचना

भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल)

भीलवाड़ा तहसील क्षेत्र के गुंडली गांव में आबादी के निकट तेंदुए के विचरण एवं पकड़े जाने की सूचना पर वन विभाग की क्विक रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के उपरांत वन्यजीव को तत्काल राजकीय पशु चिकित्सालय भीलवाड़ा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके पश्चात तेंदुए को समुचित देखभाल हेतु वन विभाग के रेंज कार्यालय परिसर में निगरानी में रखा गया है।

कोटा जू की विशेषज्ञ टीम से परामर्श, स्थिति अब स्थिर

तेंदुए की स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने कोटा जू की विशेषज्ञ पशु चिकित्सकीय टीम से तकनीकी परामर्श लिया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आवश्यक उपचार एवं दवाएं दिए जाने के बाद तेंदुए के वाइटल पैरामीटर्स में अपेक्षित सुधार हुआ है और वर्तमान में उसकी स्थिति स्थिर है। आगामी दिनों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सघन निगरानी में उसका नियमित परीक्षण एवं उपचार जारी रहेगा।

🛑 उपवन संरक्षक (DFO) मारिया शाइन की आमजन से अपील:

  • वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास जाने, घेरने, पीछा करने अथवा स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें।
  • तत्काल वन विभाग को सूचना दें ताकि प्रशिक्षित वनकर्मियों द्वारा आवश्यक सुरक्षा कार्रवाई की जा सके।
  • वन्यजीवों से संबंधित भ्रामक अथवा सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न करें।
  • वन्यजीव संबंधी किसी भी आपात सूचना व सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1926 (24×7) पर संपर्क करें।

सुरक्षा को लेकर वन विभाग मुस्तैद

वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आबादी क्षेत्रों के आसपास वन्यजीवों की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचती हैं। आमजन की सजगता और समय पर दी गई सूचना से ही वन्यजीवों और नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।