डोटासरा इस्तीफा दें’- कांग्रेस नेता पालीवाल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने किया यज्ञ

भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा स्मार्ट हलचल|जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शनिवार को कांग्रेस के भीतर चल रहा असंतोष खुलकर सामने आया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज पालीवाल ने कार्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष यज्ञ कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। पालीवाल ने डोटासरा से प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग भी की।
पालीवाल ने आरोप लगाया कि भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों को समय पर पार्टी का अधिकृत चुनाव चिन्ह नहीं मिल पाया। इस मामले को लेकर वे पहले भी प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर जांच की मांग कर चुके हैं।
‘महापौर चुनाव में भी कांग्रेस ने मैदान छोड़ दिया’–
पालीवाल ने कहा कि भीलवाड़ा नगर निगम में कांग्रेस को महापौर पद के चुनाव में अपना प्रत्याशी तक नहीं उतारना पड़ा। उनके अनुसार प्रदेश नेतृत्व ने महापौर चुनाव के लिए भी पार्टी का सिंबल उपलब्ध नहीं कराया। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही मैदान छोड़ देना कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी 17 कांग्रेस प्रत्याशियों को सिंबल नहीं दिला सके, जिसका असर निकाय चुनाव के परिणामों पर पड़ा। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार भीलवाड़ा नगर निगम की 70 सीटों में भाजपा ने 45, निर्दलीयों ने 15 और कांग्रेस ने 10 सीटें जीतीं।
पालीवाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने के लिए मेहनत की, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर हुई चूक से उनका मनोबल प्रभावित हुआ। उन्होंने चेताया कि यदि प्रदेश नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं और संगठनात्मक व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी पंचायती राज चुनावों में भी कार्यकर्ताओं को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
‘भगवान से प्रार्थना, स्वयं विवेक से इस्तीफा दें’–
पालीवाल ने कहा कि कांग्रेस की परंपरा किसी को पद से हटाने की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की रही है। इसलिए उन्होंने यज्ञ के माध्यम से ईश्वर से प्रार्थना की है कि प्रदेश अध्यक्ष को सद्बुद्धि मिले और वे स्वयं अपने विवेक से पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य किसी व्यक्ति का अपमान करना नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को कार्यकर्ताओं की पीड़ा समझाने का प्रयास है। उन्होंने आगामी पंचायत राज चुनावों में संगठन को मजबूती से काम करने और कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा की आवश्यकता बताई।
‘सच बोलने की कीमत चुकानी पड़े तो भी पीछे नहीं हटूंगा’–
पालीवाल ने कहा कि पार्टी में सच बोलने की वजह से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाता है तो भी वे कार्यकर्ताओं की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा, “हो सकता है मुझे पार्टी से बाहर कर दिया जाए, गोली मार दी जाए या ट्रक से कुचल दिया जाए, लेकिन मैं कार्यकर्ताओं की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”
उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में 17 प्रत्याशियों के सिंबल और बाद में महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नहीं उतार पाने के घटनाक्रम से जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा है। इसी के विरोध में सद्बुद्धि यज्ञ किया गया है।
गौरतलब है कि 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के अथॉरिटी लेटर नहीं पहुंचने का विवाद सितंबर की शुरुआत में ही सामने आया था। इस मामले में पालीवाल ने प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे से जांच और कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, सिंबल नहीं पहुंचने के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष किसी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।