उत्तम शौच धर्म की हुई पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं ने आत्मकल्याण की कामना की
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/बनेठा।स्मार्ट हलचल|टोंक जिले के उनियारा उपखंड क्षेत्र के बनेठा उपतहसील मुख्यालय स्थित दिगंबर जैन मंदिरों में पर्वाधिराज दसलक्षण धर्म पर्व के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म की पूजा-अर्चना विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ की।
समाज के हरीश जैन पाण्ड्या ने बताया कि महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मूलनायक भगवान महावीर स्वामी पर शांतिधारा करने का सौभाग्य महावीर प्रसाद, नेमीचंद एवं वैभव कुमार को प्राप्त हुआ। वहीं बड़ा जैन मंदिर में मूलनायक भगवान नेमीनाथ पर शांतिधारा का सौभाग्य रमेशचंद, नरेंद्र कुमार एवं राजेश जैन को मिला। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान पुष्पदंतनाथ को निर्वाण लाडू अर्पित किया तथा सुख-शांति एवं आत्मकल्याण की कामना की। वहीं चंद्रप्रभु जिनालय में इन्द्रध्वज महामंडल विधान के दौरान आयोजित प्रवचन सभा में प्रतिष्ठाचार्य पंडित विमल सौगाणी ने उत्तम शौच धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका अर्थ केवल बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि मन को लोभ, लालच एवं परिग्रह जैसी प्रवृत्तियों से मुक्त कर आत्मा की शुद्धि की ओर अग्रसर होना है। उन्होंने कहा कि दसलक्षण धर्म पर्व के दौरान श्रद्धालु प्रतिदिन धर्म के विभिन्न लक्षणों को अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से आत्मशुद्धि, संयम एवं सदाचार का संदेश दिया जा रहा है। शाम को मंदिर परिसर में श्रीजी की संगीतमय मंगल आरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भाग लिया।