चित्तौड़गढ़ 20 सितम्बर।स्मार्ट हलचल|न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 चित्तौड़गढ़ की पीठासीन अधिकारी अंकिता चंदावत, आरजेएस ने अभियुक्त को 6 लाख अर्थदण्ड व एक वर्ष साधारण कारावास सहित अदम अदायगी 03 माह साधारण कारावास से दंडित किया।प्रकरणानुसार प्रताप नगर निवासी हरजिंदर सिंह पिता हिम्मतसिंह सिक्ख ने अधिवक्ता ललित कुमार शर्मा के मार्फत न्यायालय में एक परिवाद इस आशय का प्रस्तुत किया कि अभियुक्त मोहम्मद फैजान मंसूरी प्रो. हिन्द इंजीनियरिंग वर्क्स, चामटीखेड़ा रोड़, चित्तौड़गढ़ से अच्छी जान पहचान होने व उसके निजी खर्च व अन्य वैध कार्यों में रुपयों की आवश्यकता होने पर परिवादी ने अभियुक्त को 5 लाख रुपये उधार दिये जिसके पुनर्भुगतान पेटे दिया गया चेक निर्धारित समय पर बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त राशि के चलते बैंक द्वारा अनादरित कर दिया गया। नोटिस के बावजूद भुगतान अदा नहीं किया गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात् परिवादी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के अधीन दण्डनीय अपराध के आरोप में दोषसिद्धि पर अभियुक्त को 6 लाख अर्थदण्ड एवं एक वर्ष साधारण कारावास सहित अदम अदायगी 03 माह साधारण कारावास से दण्डित किया गया।