18 वोट लेकर कांग्रेस के रमेश सेन की जीत, निर्दलीय बालमुकुंद तोषनीवाल को मिले 17 मत; भाजपा पार्षदों के समर्थन के बावजूद नहीं बची निर्दलीय प्रत्याशी की बाजी
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में सोमवार को सियासी समीकरणों ने नया मोड़ ले लिया। कांग्रेस के रमेश सेन ने 18 मत हासिल कर निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल को एक वोट से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। तोषनीवाल को 17 मत मिले। 35 पार्षदों वाली नगर पालिका में अध्यक्ष पद का फैसला महज एक वोट के अंतर से हुआ।
चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेस समर्थकों और सेन समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और शहरवासी रमेश सेन के स्वागत के लिए उमड़ पड़े। निर्वाचन के बाद समर्थकों ने रमेश सेन को कंधों पर उठा लिया और जीत की खुशी मनाई।
भाजपा-निर्दलीय समीकरण भी नहीं दिला सका जीत
अध्यक्ष चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा क्रॉस वोटिंग और बदले सियासी समीकरणों की रही। कांग्रेस के पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने और भाजपा पार्षदों की ओर से निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिए जाने के बावजूद बालमुकुंद तोषनीवाल बहुमत का आंकड़ा नहीं छू सके। दूसरी ओर रमेश सेन 18 मत हासिल कर एक वोट के अंतर से अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
चुनाव परिणाम ने पालिका बोर्ड में बने राजनीतिक समीकरणों को भी चर्चा में ला दिया है। कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव जीतकर आए पार्षदों की संख्या 22 थी, लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव में रमेश सेन को 18 मत मिले। वहीं भाजपा, निर्दलीय और कांग्रेस के बागी खेमों के बीच बने समीकरणों के बीच तोषनीवाल को 17 मत प्राप्त हुए।
रमेश सेन बोले- यह जीत पूरे शाहपुरा की
निर्वाचित अध्यक्ष रमेश सेन ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे शाहपुरा की है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पालिका में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। शहर की समस्याओं का समाधान और विकास की गति बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
सेन के निर्वाचन के बाद कांग्रेस के पर्यवेक्षक दुर्गपाल सिंह, कांग्रेस के विधानसभा चुनाव प्रत्याशी नरेंद्र रेगर, पूर्व पीसीसी सदस्य राजकुमार बैरवा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैलाश सेन सहित कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने भी रमेश सेन को अध्यक्ष निर्वाचित होने पर शुभकामनाएं दीं।
अब 22 सितंबर को उपाध्यक्ष चुनाव
अध्यक्ष पद का चुनाव पूरा होने के बाद अब पालिका में अगली राजनीतिक हलचल उपाध्यक्ष पद को लेकर होगी। 22 सितंबर को नगर पालिका उपाध्यक्ष का चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में अध्यक्ष चुनाव के दौरान सामने आए क्रॉस वोटिंग के समीकरणों के बाद अब सभी की निगाहें उपाध्यक्ष चुनाव पर टिक गई हैं।
एक वोट से मिली जीत ने शाहपुरा नगर पालिका की राजनीति में नई तस्वीर जरूर खींच दी है। अब देखना होगा कि उपाध्यक्ष चुनाव में पार्षदों के समीकरण किस करवट बैठते हैं और अध्यक्ष रमेश सेन के साथ पालिका बोर्ड की नई टीम किस रूप में सामने आती है।