पावटा-प्रागपुरा में कांग्रेस का दबदबा, मीना सैनी बनीं नगरपालिका अध्यक्ष

25 वोट लेकर भाजपा की मंजू अग्रवाल को 7 मतों से हराया, 43 पार्षदों ने किया मतदान, दो रहे अनुपस्थित

मीना सैनी बोलीं—यह जीत कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंद्रराज गुर्जर समेत समस्त जनता की

पावटा , स्मार्ट हलचल|नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा के अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को पावटा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुए चुनाव में कांग्रेस ने अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की। कांग्रेस पार्टी से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मीना सैनी पत्नी अजय सैनी ने भाजपा प्रत्याशी मंजू अग्रवाल को 7 मतों के अंतर से पराजित कर नगरपालिका के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। मीना सैनी के पक्ष में 25 वोट डले, जबकि मंजू अग्रवाल को 18 वोट मिले। कुल 45 निर्वाचित पार्षदों में से 43 ने मतदान किया, जबकि दो पार्षद मतदान के लिए उपस्थित नहीं हुए। परिणाम सामने आते ही कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका के 45 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस ने 22, भाजपा ने 16 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 7 वार्डों में जीत दर्ज की थी। 45 सदस्यीय बोर्ड में चेयरमैन के लिए बहुमत का आंकड़ा 23 था। कांग्रेस अपने 22 पार्षदों के साथ बहुमत से महज एक वोट दूर थी। सोमवार को हुए चेयरमैन चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीना सैनी को 25 मत मिलने के साथ ही कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। कांग्रेस को अपने पार्षदों के अलावा मिले अतिरिक्त मतों के बाद नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बन गया। नवनिर्वाचित चेयरमैन मीना सैनी प्रागपुरा निवासी कैलाश चंद सैनी (बिड़ला) की पुत्रवधू तथा कांग्रेस जिला महासचिव अजय सैनी की पत्नी हैं। सैनी परिवार का लंबे समय से क्षेत्र की सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ाव रहा है। मीना सैनी की सास मामली देवी प्रागपुरा कस्बे में तीन बार सरपंच रह चुकी हैं। वहीं उनके ससुर कैलाश चंद सैनी भी क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार स्थानीय लोगों के सुख-दुःख में सहभागिता, सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी और लगातार जनसंपर्क के कारण सैनी परिवार की क्षेत्र के विभिन्न समाजों में पहचान बनी हुई है। मीना सैनी के पति अजय सैनी भी लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हुए हैं और संगठनात्मक गतिविधियों के साथ क्षेत्र के लोगों के बीच सामाजिक स्तर पर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में चेयरमैन पद पर मीना सैनी की जीत को परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि और लंबे समय से चले आ रहे स्थानीय जनसंपर्क से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जीत के बाद नवनिर्वाचित चेयरमैन मीना सैनी ने कहा कि यह जीत केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंद्रराज गुर्जर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पावटा-प्रागपुरा की समस्त जनता की जीत है। उन्होंने चुनाव में सहयोग और समर्थन देने वाले सभी पार्षदों एवं क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए कहा कि नगरपालिका के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के साथ आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम किया जाएगा। चेयरमैन चुनाव को लेकर सोमवार सुबह से ही राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पावटा स्थित मतदान केंद्र पर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मतदान केंद्र के आसपास बैरिकेडिंग कर प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था की गई तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। मतदान प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं कोटपूतली-बहरोड़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रराज गुर्जर तथा विराटनगर विधायक कुलदीप धनकड़ के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति भी बनी। कांग्रेस की ओर से मतदान केंद्र की बैरिकेडिंग और प्रवेश व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया। मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। मतदान केंद्र के बाहर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही, लेकिन प्रशासन की निगरानी में मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई। चेयरमैन पद के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान हुआ। कुल 45 निर्वाचित पार्षदों में से 43 पार्षदों ने मतदान किया, जबकि दो पार्षद मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचे। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की गई। मतगणना में कांग्रेस की मीना सैनी को 25 वोट तथा भाजपा की मंजू अग्रवाल को 18 वोट मिले। इस तरह मीना सैनी ने 7 मतों से जीत दर्ज कर चेयरमैन की कुर्सी अपने नाम कर ली। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। समर्थकों ने नवनिर्वाचित चेयरमैन को बधाई दी और जीत की खुशी मनाई। चुनाव को लेकर प्रशासन ने मतदान केंद्र और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाजार बंद रखने की व्यवस्था की गई थी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक मतदान केंद्र के आसपास विशेष निगरानी रखी गई। चेयरमैन पद का चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें 22 सितंबर को होने वाले उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। उपाध्यक्ष चुनाव के साथ पावटा-प्रागपुरा नगरपालिका के नए बोर्ड के गठन की तस्वीर भी पूरी तरह साफ हो जाएगी। चेयरमैन पद पर कांग्रेस की जीत के बाद नगरपालिका की आगामी राजनीतिक दिशा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।