आसींद। स्मार्ट हलचल|विधानसभा से विधायक प्रत्याशी रहे मनसुख सिंह गुर्जर ने नवसृजित शंभूगढ़ पंचायत समिति में सरपंच पदों के आरक्षण के लिए निकाली गई लॉटरी में नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर के नाम लिखित शिकायत प्रस्तुत कर आरक्षण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।मनसुख सिंह गुर्जर के अनुसार आरक्षण लॉटरी में अपनाया गया चक्र वर्तमान चक्रानुक्रम के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि गुलाबपुरा उपखंड अधिकारी द्वारा शंभूगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों के लिए नया फ्रेश चक्रानुक्रम तैयार कर श्रेणीवार आवंटन करते हुए लॉटरी निकाली गई, जबकि पंचायत राज विभाग के परिपत्रों के अनुसार गत चुनाव में जिस चक्रानुक्रम के आधार पर आरक्षण हुआ था, उसी क्रम को आगे बढ़ाया जाना चाहिए था।
पूर्व में आरक्षित ग्राम पंचायतों को लेकर भी उठाए सवाल
शिकायत के अनुसार शंभूगढ़, बरसनी, आकड़सादा और गांगलाश ग्राम पंचायतें पूर्व में ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आरक्षित हो चुकी हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्तमान चक्रानुक्रम के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए रायरा, बारनी, जयनगर और दुल्हेपुरा ग्राम पंचायतें आरक्षित होनी चाहिए थीं।
इसी प्रकार शिकायत में दावा किया गया है कि अनुसूचित जनजाति के लिए रामपुरिया-धोली, जैतपुरा और रूपपुरा ग्राम पंचायतों का आरक्षण होना था, जबकि नवसृजित ग्राम पंचायत जोधड़ास को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए था।
लॉटरी प्रक्रिया पर उठाई आपत्ति
मनसुख सिंह गुर्जर के अनुसार गुलाबपुरा उपखंड अधिकारी द्वारा निकाली गई लॉटरी में अनुसूचित जाति के लिए शंभूगढ़, बरसनी, गांगलाश और रायरा, जबकि अनुसूचित जनजाति के लिए रामपुरिया, आकड़सादा और धोली-जैतपुरा को सामान्य महिला श्रेणी में आरक्षित करते हुए लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि बरसनी, शंभूगढ़ और गांगलाश को अनुसूचित जाति, आकड़सादा को अनुसूचित जनजाति तथा जोधड़ास को सामान्य श्रेणी में आरक्षित किया गया है। शिकायतकर्ता ने इन आरक्षणों को नियमों के विपरीत बताते हुए प्रक्रिया की पुनः जांच और नियमानुसार आरक्षण किए जाने की मांग की है।