* संयुक्त समन्वय समिति ने जिला कलेक्टर व उपखंड अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन-कर्मचारियों पर अवकाश में काम का दबाव बनाने पर जताया विरोध
शिवराज बारवाल मीना
टोंक । स्मार्ट हलचल|राजकीय अवकाश के दिनों में आयोजित होने वाले गैर-आपातकालीन अभियानों एवं शिविरों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के विरोध में संयुक्त समन्वय समिति टोंक ने जिला कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कार्य बहिष्कार एवं अनुशासन बनाए रखने का निर्णय घोषित किया है।
संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ तथा प्रांतीय संयुक्त समन्वय समिति के निर्देशानुसार राजकीय अवकाश के दिनों में आयोजित होने वाले सभी गैर-आपातकालीन अभियान एवं शिविरों के पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। संयुक्त समिति का कहना है कि कर्मचारियों के लिए निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुसार शनिवार, रविवार एवं अन्य राजकीय अवकाश उनके वैधानिक अवकाश हैं तथा शारीरिक एवं मानसिक विश्राम के साथ पारिवारिक दायित्वों के लिए भी अवकाश आवश्यक है। ज्ञापन में कहा गया कि आपातकालीन सेवाओं के अतिरिक्त किसी भी गैर-आपातकालीन अभियान या शिविर के लिए कर्मचारियों को राजकीय अवकाश के दिन कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।
*अनुचित दबाव एवं कार्रवाई पर रोक की मांग*
समिति ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर राजकीय अवकाश के दिन कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तथा धमकीपूर्ण चेतावनियां दी जा रही हैं। समिति ने ऐसी किसी भी एकतरफा, द्वेषतापूर्ण अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
*लिखित समाधान तक बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी*
समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक शासन स्तर पर अवकाश के दिनों में गैर-आपातकालीन कार्य नहीं करवाने संबंधी स्पष्ट एवं लिखित समाधान नहीं मिलता, तब तक संयुक्त महासंघ के निर्णय की पालना करते हुए कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। समिति ने जिला प्रशासन से मांग की कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशों का सम्मान करते हुए जिले में कार्यरत पटवारियों, कृषि पर्यवेक्षकों एवं ग्राम विकास अधिकारियों पर राजकीय अवकाश के दिनों में कार्य करने का दबाव नहीं बनाया जाए। ज्ञापन एवं प्रेस नोट में संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों के रूप में कृषि विभाग से जिलाध्यक्ष लड्डूलाल मीणा, पंचायतीराज से चौथमल चन्देल, रमेश प्रजापत, सुरेश चौधरी, जीतराम चौधरी, भंवरलाल सैनी, सुनीता मीणा, धर्मराज चौधरी, रमेश चन्द्र गौतम, युधिष्ठिर सिंह गुर्जर, सियाराम जाट, मनराज यादव, प्रियंका साहू, दुर्गाशंकर सैनी एवं बुजराज स्वामी सहित अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया है।