पोटलां में अनंत चतुर्दशी पर उमड़ा जनसैलाब: भजनों की ताल और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच बड़े तालाब में हुआ गणेश विसर्जन

पोटलां। स्मार्ट हलचल|कस्बे में दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर अत्यंत भक्तिमय, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ हुआ। विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विदाई के इस पावन अवसर पर समूचा पोटलां क्षेत्र आस्था के रंगों में सराबोर नजर आया। कस्बे एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के अपार जनसैलाब ने रिद्धि-सिद्धि के दाता को भावभीनी विदाई दी। गणेशोत्सव के समापन पर पोटलां कस्बे के एक दर्जन से अधिक सार्वजनिक पूजा पांडालों तथा सैकड़ों घरों में श्रद्धापूर्वक विराजित की गई गणपति प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए गाजे-बाजे के साथ एकत्र किया गया। दोपहर में शुरू हुई भव्य शोभायात्रा कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी।
शोभायात्रा के दौरान पूरा मार्ग गुलाल के अबीर-गुलाल और पुष्पवर्षा से महक उठा। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने भगवान गणेश की अगवानी की, पूजा-अर्चना की और आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भजन गायकों की संगीतमय प्रस्तुतियां रहीं। शोभायात्रा के दौरान भजन गायक अर्जुन राणा, हेमलता वैष्णव और सिद्धु जांगिड़ ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों के सुमधुर भजनों की तान पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग खुद को थिरकने से नहीं रोक सके। पूरा शोभायात्रा मार्ग “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा। शोभायात्रा की शुरुआत गणेश जी मंदिर रावला चौक से हुई जो बाजार, मंशापूर्ण बालाजी मंदिर, राजस्थान ग्रामीण बैंक, बस स्टैंड, आईसीआईसीआई बैंक, सत्यनारायण भगवान मंदिर, खटिक मौहल्ला, भदेसर भैरूजी मंदिर, जीनगर चौक, सदर बाजार, दूरभाष केन्द्र, पुराना अस्पताल, सहकारी डेरी होते हुए शोभायात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए शाम को बड़े तालाब पहुंची। शाम ठीक 6:30 बजे तालाब परिसर में सभी गणेश प्रतिमाओं को एक साथ रखकर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ आरती गाकर क्षेत्र में खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
आरती के पश्चात पूरे विधि-विधान, मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ सभी गणपति प्रतिमाओं का बड़े तालाब में जल-विसर्जन किया गया। विसर्जन संपन्न होने के बाद आयोजकों द्वारा सभी भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और ग्रामीण युवाओं की टोलियां व्यवस्थाएं संभालने में मुस्तैद रहीं।