हिस्सेदारी देने के बाद भी घर के सामने डेरा, वृद्ध दंपती ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

हिस्सेदारी देने के बाद भी घर के सामने डेरा, वृद्ध दंपती ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

 

विधवा बहू और बेटी पर मारपीट व गालीगलौज का आरोप, छोटे बेटे का परिवार 22 दिनों से दूसरे के घर रहने को मजबूर होने का दावा

 

खखरेरू/स्मार्ट हलचल।फतेहपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गेरिया गांव में संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर वृद्ध ससुर और उसकी विधवा बहू के बीच विवाद का मामला सामने आया है। 75 वर्षीय अमरनाथ पाल का आरोप है कि बहू को उसके दिवंगत पति के हिस्से की जमीन देने की सहमति के बावजूद वह घर के सामने डेरा डालकर परिवार को परेशान कर रही है। वृद्ध ने बहू और उसकी बेटी पर मारपीट, गालीगलौज और धमकी देने के आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है।

अमरनाथ पाल के अनुसार उनके दूसरे बेटे राजू ने वर्ष 2004 में कौशांबी जिले के टीकर देऊरी गांव निवासी कल्पना पाल से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद राजू अपनी पत्नी के साथ ससुराल में रहने लगा था। वृद्ध का आरोप है कि पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। वर्ष 2007 में राजू ने जहरीला पदार्थ खा लिया था और उपचार के दौरान कानपुर में उसकी मौत हो गई। वृद्ध के मुताबिक पोस्टमार्टम में जहरीला पदार्थ खाने से मौत की पुष्टि हुई थी। उस समय बहू के गर्भवती होने और लोकलाज के कारण परिवार ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

वृद्ध का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उन्होंने बहू को घर में रखने और विवाद सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2007 में उसके पिता बेटी को लेकर चले गए और ससुरालीजनों से संबंध समाप्त करने की बात कही।

अमरनाथ पाल के मुताबिक 5 सितंबर 2026 को विधवा बहू अपनी करीब 18 वर्षीय बेटी के साथ ससुराल पहुंची और छोटे बेटे अजय पाल के मकान के बरामदे में बैठ गई। इसके बाद संपत्ति में अपने पति के हिस्से की जमीन की मांग को लेकर विवाद शुरू हो गया। वृद्ध का कहना है कि उन्होंने विवाद समाप्त करने के लिए वर्ष 2010 में खरीदी गई जमीन में बहू को उसके पति के हिस्से की जमीन देने पर सहमति जताई।

आरोप है कि इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ। वृद्ध का कहना है कि गांव की चुनावी रंजिश के चलते कुछ लोग बहू का पक्ष लेकर परिवार को लगातार परेशान कर रहे हैं और छोटे बेटे अजय के मकान पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

अजय पाल के मुताबिक उसने वर्ष 2023-24 में अपने निजी पैसों से मकान का निर्माण कराया था। आरोप है कि बहू और उसकी बेटी के विरोध के कारण वह अपने परिवार के साथ पिछले 22 दिनों से दूसरे के घर में रहने को मजबूर है। अजय का आरोप है कि अपने घर जाने पर उसके साथ गालीगलौज और मारपीट की जाती है तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। मामले की शिकायत स्थानीय थाने में की गई थी

वृद्ध का कहना है कि उनके पास कोई पैतृक संपत्ति नहीं है और वर्ष 1972 से वह अपनी ससुराल में रह रहे हैं। इसके बावजूद विवाद खत्म करने के लिए खरीदी गई जमीन में बहू को हिस्सेदारी देने की सहमति दी गई। अब सवाल यह है कि हिस्सेदारी को लेकर बनी सहमति के बाद भी घर के सामने धरना-जैसी स्थिति क्यों बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच विवाद का स्थायी समाधान कब होगा।

थाना प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि बहू और ससुर के बीच जमीन से संबंधित विवाद है जिसकी सूचना खागा एसडीएम को दे दिया गया है मौके पर शांति व्यवस्था कायम है अगर मौके पर किसी प्रकार की कोई अशांति पाई जाती है तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।