सरपंच आरक्षण निर्धारण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका, पांच ग्राम पंचायतों के आवेदकों ने उठाए सवाल

दिनेश साहू आसींद

आसींद(भीलवाड़ा)।स्मार्ट हलचल|आसींद विधानसभा से विधायक प्रत्याशी मनसुख सिंह गुर्जर का आगामी पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के आरक्षण निर्धारण पर सवाल उठाते हुए संभागीय आयुक्त तथा जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को लिखित में शिकायत के बादशंभूगढ़ पंचायत समिति के सरपंच राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में सिविल रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में शंभूगढ़, जोधड़ास, गंगलास, बरसनी और आकरसाड़ा ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के आरक्षण निर्धारण को चुनौती दी गई है।याचिका अनिल साहू निवासी शंभूगढ़, नानूराम गुर्जर निवासी जोधड़ास, रामनिवास कुमावत निवासी उदलपुरा-गंगलास, पंकज त्रिपाठी निवासी बरसनी तथा इंद्रमल गुर्जर निवासी आकरसाड़ा की ओर से प्रस्तुत की गई है। याचिका में राज्य सरकार सहित संबंधित अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए सरपंच पदों का आरक्षण निर्धारित करते समय पुराने एवं मौजूदा ग्राम पंचायतों के लिए लागू प्रक्रिया के अनुरूप गणना नहीं की गई। उनका आरोप है कि आरक्षण निर्धारण में निर्धारित पद्धति, आरक्षण, रोटेशन एवं रोस्टर के सिद्धांतों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ, जिसके कारण संबंधित ग्राम पंचायतों में घोषित आरक्षण श्रेणी अलग हो गई।

याचिका में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994, राजस्थान पंचायती राज निर्वाचन नियम, 1994 तथा राज्य सरकार की 10 अगस्त 2026 और 16 अगस्त 2026 की ओर से जारी व्यवस्थाओं का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार इन निर्देशों के तहत पुरानी एवं नवगठित ग्राम पंचायतों के लिए आरक्षण निर्धारण की अलग-अलग प्रक्रिया निर्धारित है।
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से संबंधित ग्राम पंचायतों के लिए घोषित सरपंच आरक्षण को निरस्त कर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार नए सिरे से गणना कर आरक्षण श्रेणी घोषित करने की मांग की है। याचिका के साथ गणना पत्रक, आरक्षण स्थिति पत्रक तथा घोषित आरक्षण सूची सहित विभिन्न दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।