बिजौलियाँ(दीपक राठौर)|
स्मार्ट हलचल|क्षेत्र के इंद्रपुरा स्थित श्री तिलस्वांनाथ गौशाला, चांदजी की खेड़ी में सोमवार से श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के शुभारंभ से पूर्व सुबह श्रद्धालुओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
जीवन में लक्ष्य बनाना जरूरी-प्रेमनारायण
कथा के दौरान गुरुदेव प्रेमनारायण ने श्रद्धालुओं को जीवन जीने की कला का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में एक निश्चित लक्ष्य बनाना चाहिए। मनुष्य जब माया-मोह को ही अपना मान लेता है तो वह उसी के बंधन में फंस जाता है। माया के बंधन से मुक्त होने के लिए मनुष्य को संसार की प्रत्येक वस्तु को अपने इष्ट भगवान की देन मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘मैं’ और ‘मेरा’ का भाव ही मनुष्य को माया के बंधन में बांधता है। जब मनुष्य सब कुछ भगवान का मानकर जीवन जीता है, तब उसके जीवन से माया का बंधन धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है।
बच्चों को छोटी उम्र से ही भक्ति से जोड़ने का संदेश
गुरुदेव ने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्कार देने चाहिए। माता-पिता को बच्चों को मंदिर ले जाना चाहिए और धार्मिक कथाओं में भी शामिल कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे किसी भी बात को जल्दी सीखते हैं, ऐसे में यदि उन्हें बचपन से ही भक्ति और अच्छे संस्कारों से जोड़ा जाए तो वे इन्हें आसानी से अपने जीवन में अपना सकते हैं।
क्षेत्रवासियों के सहयोग से आयोजन
श्री तिलस्वांनाथ गौशाला सेवा समिति के अध्यक्ष सुगन धाकड़ ने बताया कि भागवत कथा का आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा का वाचन गुरुदेव प्रेमनारायण गेहूँखेड़ी वाले के मुखारबिंद से किया जा रहा है। कथा का आयोजन 4 अक्टूबर रविवार तक चलेगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित होगी। आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।