करोड़पति व्यापारी ससुर की हत्या में पुलिस की रिपोर्ट पर जेल से छूट घर पहुंची शालू

सुनील बाजपेई
कानपुर।स्मार्ट हलचल|बीते 5 सितंबर को व्यापारी की हत्या करने के आरोप में दो सूटरों के साथ जय भेजी गई बहू शालू को पुलिस की रिपोर्ट पर जेल से रिहा कर दिया गया है। इस मामले में अब उसके पति यानी व्यापारी के बेटे को उसकी हत्या के आरोप में जेल भेजा गया है।
अपने पिता की हत्या में उसकी अहम भूमिका रही भाड़े की हत्यारों को चाबी उसी ने उपलब्ध कराई थी।
कुल मिलाकर पुलिस की गहन विवेचना और जांच ने कल्याणपुर क्षेत्र अंतर्गत इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में बीते पांच सितंबर की रात हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) हत्याकांड का सटीक खुलासा करते हुए उसके बेटे को जेल भेजा गया हैजबकि इसके पहले दो सूटरों समेत हत्यारा मानकर बहू को जेल भेजा गया थ ।
अब तक की जांच पड़ताल से निकले निष्कर्ष के मुताबिक सट्टे और कैसीनो की काली लत में फंसकर 40 लाख रुपये से अधिक के कर्ज में डूबे सगे बेटे सुब्रत मिनोचा ने ही सुपारी देकर अपने पिता की नृशंस हत्या कराई थी। जिसके बाद हत्या की पूरी साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार कर दिल भेजा गया इसके बाद पुलिस नेशालू को निर्दोष मानते हुएजो रिपोर्ट भेजी उसे आधार पर जेल प्रशासन में शालू को रिहा कर दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक विनीत मिनोचा अपने बेटे सुब्रत को हर महीने 40 हजार रुपये जेब खर्च के तौर पर देते थे। इसके बावजूद सुब्रत कैसीनो और सट्टेबाजी की बुरी लत में फंस गया।
जानकारी के मुताबिक इसके चलते उस पर करीब 40 लाख रुपये का भारी कर्ज चढ़ गया था। पिता द्वारा बार-बार रोके जाने और आर्थिक बंदिशें लगाने से परेशान होकर सुब्रत ने अभियुक्त विशाल गौतम पुत्र तुलसी गौतम) और राजकिशोर पुत्र सूरजभान के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची और शूटरों के माध्यम से अपने ही पिता का कत्ल करा दिया। । जांच में यह पता चला है कि कत्ल के दिन फ्लैट का ताला डुप्लीकेट नहीं, बल्कि असली चाबी से खोला गया था, जिसे सुब्रत ने ही शूटरों को उपलब्ध कराई थी।