मीर जी की दरगाह पर अकीदत का सैलाब, हजरत अनवार उर रहमान नियाजी के 81वें उर्स में गूंजे सूफियाना कलाम
कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन, चादरें पेश कर जायरीनों ने मांगी मुरादें; गौस पाक के नाम पर रोशन होंगे मन्नत के चिराग
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर-स्मार्ट हलचल|संसार चंद्र रोड स्थित दरगाह मीर कुर्बान अली में हजरत अनवार उर रहमान नियाजी रहमतुल्लाह अलैह का 81वां उर्स अकीदत और रूहानी माहौल के बीच संपन्न हुआ। दो दिवसीय उर्स में राजस्थान सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। दरगाह परिसर में दिनभर अकीदतमंदों की आवाजाही रही और देर रात तक महफिल-ए-समां में सूफियाना कलाम की गूंज सुनाई देती रही।
उर्स के पहले दिन कुरआन ख्वानी और मिलाद शरीफ का आयोजन हुआ। इसके बाद देर रात तक महफिल-ए-समां सजी, जिसमें देश के प्रसिद्ध कव्वालों ने अपने कलाम पेश किए। दूसरे दिन अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरें पेश कर दुआ मांगी। शाम से ही दरगाह परिसर में जायरीनों की भीड़ बढ़ने लगी और देर रात कुल की रस्म अदा होने के साथ दो दिवसीय उर्स का समापन हुआ।
सज्जादानशीन डॉ. सैय्यद हबीबुर्रहमान नियाजी ने बताया कि हजरत अनवार उर रहमान नियाजी रहमतुल्लाह अलैह का इस वर्ष 81वां उर्स मनाया गया। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में देश-प्रदेश से जायरीन पहुंचे और अपनी अकीदत के साथ चादरें पेश कीं। उन्होंने कहा कि दरगाह पर आने वाले अकीदतमंद अपनी मुरादों के लिए दुआ करते हैं और उर्स के अवसर पर पूरे परिसर में रूहानी माहौल बना रहता है।
उन्होंने बताया कि उर्स के तीसरे दिन हजरत गौस पाक रहमतुल्लाह अलैह के नाम पर मुरीदों की ओर से मन्नत के चिराग उठाने की परंपरा निभाई जाएगी। अकीदतमंदों में मान्यता है कि मन्नत पूरी होने पर चिराग उठाया जाता है और इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में लोग इस रस्म में शामिल होते हैं।
नायब सज्जादानशीन सैय्यद फैज़ उर रहमान नियाजी ने कहा कि दो दिनों तक चला उर्स पूरी अकीदत और सुकून के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि मीर जी की यह खानकाह हर मजहब और समाज के लोगों के लिए आस्था एवं भाईचारे का केंद्र रही है। यहां आने वाले लोगों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल देखनी हो तो दरगाह मीर जी में इसकी झलक देखी जा सकती है।
उर्स के दौरान पूर्व मंत्री रामकिशोर सैनी ने भी दरगाह पहुंचकर चादर पेश की। किशनपोल विधायक आमीन कागजी और आदर्शनगर विधायक रफीक खान सहित नवनियुक्त पार्षदों, समाजसेवियों एवं कई गणमान्य लोगों ने भी दरगाह पर चादरें पेश कीं। इस अवसर पर सज्जादानशीन डॉ. सैय्यद हबीबुर्रहमान नियाजी की ओर से गणमान्य लोगों की दस्तारबंदी की गई।
उर्स में मन्नत पूरी होने की खुशी में मुरीदों ने बच्चों को फलों और मिठाइयों से तौला। इस दौरान दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की भीड़ रही और लोगों ने अमन, खुशहाली एवं अपनी मुरादों के लिए दुआएं मांगीं। दो दिनों तक चले धार्मिक एवं सूफियाना आयोजनों के दौरान दरगाह परिसर में श्रद्धा, कव्वाली और दुआओं का माहौल बना रहा।