योग से निरोग रहने का संदेश, शिशु प्रदर्शनी में स्वास्थ्य जागरूकता; नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

अनिल कुमार खींची

ब्यावर। स्मार्ट हलचल।फतेहपुरिया बगीची में आयोजित 12 दिवसीय 5150वें श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के द्वितीय दिवस योग शिविर, शिशु प्रदर्शनी एवं नानी बाई रो मायरो कथा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। सुबह से देर शाम तक चले आयोजनों में समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।सुबह 6 से 7 बजे तक आयोजित योग शिविर में योग गुरु डॉ. महेंद्र गर्ग ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास करवाते हुए निरोग रहने के गुर बताए। जयंती संयोजक पवन रायपुरिया ने बताया कि योग शिविर की व्यवस्थाओं में नरेश मित्तल, संजय जिंदल, सुशील सिंघल, निशा गर्ग, सीमा जिंदल, ललिता जालान एवं रेखा गर्ग ने सहयोग किया।मंत्री निखिल जिंदल ने बताया कि सुबह 9.30 बजे गणेशदास ओमप्रकाश बारदान वालों के सहयोग से शिशु प्रदर्शनी आयोजित हुई। इसमें डॉ. अशोक बंसल, डॉ. विनय वर्मा एवं डॉ. वीरेंद्र शर्मा ने शिशुओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। चिकित्सकों ने सभी प्रतिभागी शिशुओं का 100 प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण होने पर खुशी जताई तथा माताओं को मां के दूध के महत्व की जानकारी दी।

अतुल बंसल, गोपाल डाणी, गिरीश गुप्ता एवं अतुल सिंघल के संयोजन में आयोजित शिशु प्रदर्शनी के 0 से 1 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान दैविक गर्ग/चिराग गर्ग एवं द्वितीय स्थान विहा गर्ग/अनुज गर्ग ने प्राप्त किया। भाविक जिंदल/निखिल जिंदल तथा पूर्णा अग्रवाल/शुभम गोयल भी पुरस्कार के हकदार रहे। वहीं 1 से 2 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान ताश्वी गोयल/शिवम गोयल तथा द्वितीय स्थान वृतनव अग्रवाल/हिमांशु अग्रवाल ने प्राप्त किया।

नानी बाई रो मायरो में भक्ति से सराबोर हुआ पंडाल

अध्यक्ष अमित बंसल के अनुसार दोपहर 3.30 बजे बी.एम. अग्रवाल परिवार के सहयोग से नानी बाई रो मायरो कथा का आयोजन हुआ। कथा व्यास प्रियांशी भारद्वाज ने कथा के दूसरे दिन नरसी भक्त की भक्ति, संघर्ष और भगवान द्वारिकाधीश के प्रति अटूट विश्वास का भावपूर्ण वर्णन किया।

उन्होंने बताया कि नानी बाई की पुत्री के विवाह में मायरा भरने के लिए नरसी अपने साधु-संतों के साथ जूनागढ़ के लिए रवाना होते हैं। रास्ते में गाड़ी टूटने पर भगवान द्वारिकाधीश किशना खाती के रूप में पहुंचते हैं और गाड़ी ठीक करने के साथ स्वयं बैलों को हांकते हुए नरसी के साथ जूनागढ़ पहुंचते हैं।

कथा में नरसीजी की हुंडी सहित विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए संगत के महत्व को बताया गया। कथा के दौरान “सांवरिया के आगे खड्यो मैं कर जोड़”, “टूटी गाड़ी बूढ़ा बैल” सहित भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

इस दौरान आयोजक परिवार के मुकेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण कंदोई, विनोद गर्ग, प्रशांत गर्ग, अनिता अग्रवाल, कविता अग्रवाल, आशा अग्रवाल, सविता अग्रवाल, सुमन अग्रवाल एवं सरिता अग्रवाल सहित पार्षद गोविंद अग्रवाल, माणक डाणी, गणपत सर्राफ, प्रेम जिंदल, मुकेश अरड़का, श्रवण बंसल, शांतिप्रकाश डाणी, राधेश्याम डाणी, मुकेश गर्ग एवं अशोक गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

शनिवार को होगा नानी बाई रो मायरो का समाहार

जयंती सहसंयोजक अजय गोयल एवं कमल सर्राफ ने बताया कि शनिवार सुबह 6 से 7 बजे तक योग प्रशिक्षक महेंद्र गर्ग द्वारा योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया जाएगा। दोपहर 3.30 बजे नानी बाई रो मायरो के समाहार दिवस पर भगवान द्वारिकाधीश द्वारा राधा, रुक्मणी, रानियों एवं पटरानियों के साथ नानी बाई के ससुराल पहुंचकर मायरा भरने का प्रसंग सुनाया जाएगा। सहसंयोजक भरत अग्रवाल, विशाल मित्तल एवं जिनेंद्र सिंघल ने शहरवासियों से कथा श्रवण का आग्रह किया।