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*राजस्थान, पंजाब, गुजरात राज्य के जिला शिक्षा अधिकारियों ने लिया भाग*
*भीलवाड़ा से जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने किया प्रतिनिधित्व*
परख एनसीईआरटी, स्मार्ट हलचल।नई दिल्ली द्वारा आयोजित परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 में न्यून उपलब्धि वाली दक्षताओं में उन्नयन के लिए एक कार्यशाला का आयोजन एनसीईआरटी दिल्ली में किया गया।इस कार्यशाला में देश के तीन राज्य राजस्थान, पंजाब एवं गुजरात के जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मिलित किया गया।
भीलवाड़ा जिले से डॉ. रामेश्वर जीनगर, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक (मुख्यालय), भीलवाड़ा का चयन एनसीईआरटी द्वारा किया गया। डॉ. जीनगर ने जिले के प्रतिनिधि के रूप में कार्यशाला में भाग लिया। इस कार्यशाला में तीनों राज्यों के 100 से अधिक शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।
डॉ. जीनगर ने बताया कि नया सर्वेक्षण 2027 में प्रस्तावित है, इसकी रूपरेखा बनाई जा रही है। बहुत ही शीघ्र राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन प्रारंभ किया जाएगा साथ ही सर्वेक्षण में नए सिरे से स्कूलों का चयन भी किया जाएगा। *भीलवाड़ा जिले में सर्वे 2024*। सर्वे के अनुसार जिले में कुल स्कूल 94 अध्यापक 315 विद्यार्थी 2340हैं। ग्रेड 3 में 34 स्कूल 93 अध्यापक 690 विद्यार्थी। ग्रेड 6में 29 स्कूल 86 अध्यापक 684 विद्यार्थी। ग्रेड 9 में 35 स्कूल 136 अध्यापक 967 विद्यार्थी।कुल 94 स्कूल 315अध्यापक एवं2340 विद्यार्थी थे। *क्या है नई शिक्षा नीति*। सत्र 1986 के बाद 34 साल बाद नई शिक्षा नीति NEP 2020 ने अपनी जगह बनाई है ।पहले शिक्षा नीति में 10 + 2 था। अब नई शिक्षा नीति 2020 में 5 + 3 + 3 + 4 फॉर्मेट के तहत 5 साल फाउंडेशन 3 साल आंगनबाड़ी+ कक्षा एक व दो ।तीन साल प्रिपेरटॉरी तीन से पांच ।3 साल मिडल 6 से 8 कक्षा।4 साल सेकेंडरी कक्षा 9 से 12 होगी।इसके तहत ECCE में तीन से 6 साल के बच्चे को भी औपचारिक शिक्षा में पाया गया हैं।आंगनबाड़ी को स्कूल से जोड़ा गया हैं। निपुण भारत के तहत कक्षा तीन तक हर बच्चा पढ़ना लिखना और गणित सीख जाए यह लक्ष्य रखा गया है ।इसके साथ ही मातृभाषा में कक्षा 5 तक की पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। एमडीएम विस्तार के तहत अब इसे पीएम पोषण में बाल वाटिका के बच्चों को भी जोड़ा गया है ।साथ ही जो शिक्षक बीएड नहीं है उन्हें इंटीग्रेटेड बीएड 2030 तक अनिवार्य करना है। *मुख्य उद्देश्य*। 1.बोर्ड परीक्षा वर्ष में दो बार तथा रटत विद्या खत्म करने की अनुशंसा। 2. नवी कक्षा से व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ करना। 3. रिपोर्ट कार्ड में स्वयं छात्र, साथी और अध्यापक का मूल्यांकन 360 डिग्री से करना । “शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण व नवाचार आवश्यक है।”
*जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक (मुख्यालय)*
*भीलवाडा*