कोटड़ी में युवाचार्य महेंद्र ऋषि के जन्मोत्सव पर तेला तप आराधना करने में मची होड़

:- एकासन तेला तप से तपस्वी कर रहे गुरु चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित, आज तपस्वियों का होगा अभिनंदन
राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी
स्मार्ट हलचल।भीलवाड़ा के शान्ति भवन में चातुर्मास कर रहे युवाचार्य परम पूज्य श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज साहब के साठवें जन्म दिवस के उपलक्ष में कोटड़ी श्रीसंघ में गुरु भक्ति और तप आराधना का विशेष आयोजन किया जा रहा है। मेवाड़ केसरी पूज्य प्रवर्तक श्री मोहनलाल जी महाराज साहब के सुशिष्य मेवाड़ गौरव, प्रखर वक्ता परम पूज्य गुरुदेव श्री रवीन्द्र मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में श्रद्धालु विभिन्न तप आराधनाओं के माध्यम से युवाचार्य के जन्मोत्सव को आध्यात्मिक रूप से मना रहे हैं। जन्म दिवस के उपलक्ष में आयोजित तप आराधना में श्रावक-श्राविकाएं उत्साहपूर्वक एकासन एवं तेला तप करने की होड़ मची हुई हैं। तपस्वी संयम, त्याग और साधना के माध्यम से गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा के सुमन अर्पित कर रहे हैं। तप आराधना के वातावरण में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।गुरुदेव श्री रविंद्र मुनि जी महाराज साहब ने शीतल भवन में प्रवचन के दौरान कहा कि जन्म दिवस का वास्तविक उत्सव केवल बाहरी आयोजन नहीं बल्कि अपने जीवन में तप, संयम और सदाचार को उतारना है। तप शरीर को कष्ट देने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और कर्म निर्जरा का साधन है। जब मनुष्य अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण करना सीखता है तभी तप की सार्थकता सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल शब्दों और जयकारों में नहीं, बल्कि गुरु द्वारा बताए मार्ग पर चलने में है। तप, त्याग, संयम और सेवा के संस्कारों को जीवन का हिस्सा बनाकर ही हम अपने आराध्य के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज के जन्मोत्सव पर की जा रही यह तप आराधना इसी भावना का प्रतीक है।
आज तपस्वियों का होगा कोटड़ी में अभिनंदन
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कोटड़ी के अध्यक्ष निर्मल लोढा ने बताया कि तप आराधना के क्रम में रविवार को संघ की ओर से तपस्वियों का विशेष अभिनंदन किया जाएगा। इस अवसर पर तपस्वियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके त्याग, तपस्या और आत्मसाधना की अनुमोदना की गई। कार्यक्रम में गुरुदेव श्री रविंद्र मुनि जी महाराज साहब का मंगल प्रवचन भी होगा। उनके प्रवचन से श्रद्धालुओं को तप, संयम, गुरु भक्ति और आत्मकल्याण का संदेश मिलेगा। तप आयोजन को लेकर समाज में विशेष उत्साह है तथा कोटड़ी व आसपास के श्रावक-श्राविकाओं के द्वारा एकासन तेला तप आराधना कर रहे है। तपस्वियों की तप आराधना के साथ युवाचार्य के जन्मोत्सव का यह आयोजन गुरु भक्ति, त्याग और आत्मसाधना का संदेश दे रहा है। तपस्वियों के आतिथ्य सत्कार की व्यवस्था विनीत कुमार लोढ़ा परिवार की ओर से की जा रही है।