(पंकज पोरवाल)
वनवासी कल्याण आश्रम की बैठक में 40 प्रांतों के 350 से अधिक पदाधिकारी जुटे, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर
*भीलवाड़ा । स्मार्ट हलचल|मेवाड़ की धरती पर गूंजे शौर्य, त्याग और बलिदान के किस्सों ने वनवासी कल्याण आश्रम की प्रांतीय पदाधिकारी बैठक में ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार भावनाओं से भर उठा। महाराणा प्रताप की वीरता से लेकर पन्नाधाय के बलिदान, हाड़ी रानी के अदम्य साहस और रानी पद्मावती के जौहर तक की गौरवगाथा का जीवंत मंचन देख पदाधिकारियों की आंखें नम हो गईं। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के बीच बैठक में वनवासियों के जीवन स्तर में सुधार, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और स्वच्छता को लेकर भी व्यापक मंथन हुआ। वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अतुल जोग और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री भगवान सहाय के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में विदेशी वस्तुओं के उपयोग से बचने तथा स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने पर जोर दिया गया। जिला उपाध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों के 40 प्रांतों से आए 350 से अधिक केंद्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के लिए भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। राजस्थान के लोक कलाकारों ने मेवाड़ की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया। महाराणा प्रताप की वीरता, मीरा की भक्ति, पन्नाधाय का पुत्र बलिदान, हाड़ी रानी का अदम्य साहस और चित्तौड़ की रानी पद्मावती के जौहर का मार्मिक मंचन देखकर सभागार भाव-विभोर हो उठा। कई दृश्यों ने उपस्थित महिला-पुरुषों की आंखें नम कर दीं। मेवाड़ की आन-बान-शान के जयकारों के बीच पूरा सभागार ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज उठा। समापन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस है। इसे देशभर में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा संपूर्ण भारत के लिए प्रेरणा हैं और उनके जीवन-संघर्ष तथा आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। अंत में सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ बैठक का समापन हुआ। बैठक की तैयारियों में रामप्रकाश अग्रवाल, ज्ञानचंद जैन, दुर्गालाल सोनी, नरेश ओझा, महावीर सोनी, गणेश काबरा, कैलाश नंदावत, दिवाकर जावा, तरुणा शर्मा, गुणमाला अग्रवाल, महेश खंडेलवाल, कन्हैयालाल मूंदड़ा, यश श्रीवास्तव, कमल गोखरू, ओमप्रकाश अग्रवाल, भागचंद बाहेती, पदम जैन, दीपक पुरोहित, सर्वेश्वर कल्या सहित कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।