(महेन्द्र नागौरी)
बोले- बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए, यह मताधिकार पर हमला; विपक्ष लोकतंत्र बचाने एकजुट
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। निजी होटल में प्रेस वार्ता में गुर्जर ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाता का नाम सूची से हटना उसके मताधिकार से वंचित करने जैसा है।
गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद निष्पक्ष चुनाव और मतदाता का अधिकार है। यदि मतदाता सूची में ही गड़बड़ी होगी तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने एसआईआर के दौरान हटाए गए नामों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए गुर्जर ने उन्हें ‘भाजपा का टूल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठना गंभीर विषय है। आयोग को आरोपों की निष्पक्ष जांच कर जनता के बीच स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए विपक्ष एकजुट है। यह किसी एक राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान, मताधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है। विपक्ष इस मामले को संसद से सड़क तक उठाएगा और जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग के खिलाफ इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बनेगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में पात्र मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाने या चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की बात सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से अपनी वोटर लिस्ट में नाम जांचने और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल आपत्ति दर्ज कराने की अपील की।