उपनगर पुर।स्मार्ट हलचल|श्री डूंगरी के बालाजी मंदिर परिसर में पितृ पक्ष के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर गूंजते भजनों और जयकारों से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
कथा व्यास पं. अशोक व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अनाचार और दुराचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना एवं सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा के अवतार हैं, जबकि भगवान श्रीकृष्ण लीला के अवतार हैं। रामकथा हमें मर्यादा और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है, वहीं कृष्ण कथा जीवन में चिंतन, प्रेम, कर्म और आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करती है।
कथावाचन के दौरान पं. व्यास ने भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए नृसिंह अवतार, वामन अवतार एवं श्रीराम अवतार की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन अवतारों के आध्यात्मिक एवं सामाजिक संदेशों को वर्तमान जीवन के लिए भी प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम के दौरान व्यास पीठ का पूजन बंशीलाल सेन, गणपतलाल, कन्हैयालाल, छोटूलाल, राजकुमार जी, रतनलाल जी एवं अशोक कुमार सेन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर साकेत रामायण मंडल के श्री नवल भारद्वाज, शिव जी, राकेश गर्ग, अमरीश सोलंकी, अशोक अग्रवाल एवं गजानंद वैष्णव का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष मुकेश पलोड़ ने बताया कि कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर जन्मोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम संयोजक श्रवण सेन ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। चतुर्थ दिवस भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का लाभ लिया।
कथा में पिंटू पलोड़, आलोक पलोड़, सुरेश सेन हठीला, सत्यनारायण पलोड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों पर भाव-विभोर होकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” के जयघोष से कथा स्थल गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।